Trying to sell a newborn : मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गोवंडी इलाके से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 21 वर्षीय अविवाहित महिला अपने नवजात शिशु को 5 लाख रुपये में बेचने का प्रयास कर रही थी। हालाँकि, समय रहते एक मानवाधिकार कार्यकर्ता द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस ने छापा मारा और इस अवैध सौदे को विफल कर दिया। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर, नर्सिंग होम संचालक, एजेंट, बच्चे को खरीदने की कोशिश करने वाली महिला सहित कुल पाँच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
एक्टिविस्ट की सूचना पर हुई कार्रवाई
घटना गोवंडी स्थित एक नर्सिंग होम की है, जहाँ 21 साल की अविवाहित महिला ने समय से पहले (प्रिमेच्योर) बच्चे को जन्म दिया था। इसी दौरान नवजात को बेचने की गुप्त डील की तैयारी की जा रही थी। मानवाधिकार कार्यकर्ता बीनू वर्घेसे को जब इस संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल देवनार पुलिस स्टेशन को सूचित किया। सहायक निरीक्षक कैलास सोनवणे के नेतृत्व में एक पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और पूरे मामले की जाँच शुरू की। पुलिस ने तत्काल बच्चे को खरीदने की कोशिश करने वाली महिला और सौदे में शामिल अन्य लोगों को धर दबोचा।
Trying to sell a newborn :
अवैध गतिविधियों में लिप्त था नर्सिंग होम
पुलिस ने जिन लोगों पर मामला दर्ज किया है, उनमें नर्सिंग होम का मालिक डॉ. कयामुद्दीन खान, स्टाफ अनिता पोट सावत, बच्चे की मां, एजेंट शामा, और बच्चा खरीदने की इच्छुक महिला दर्शना शामिल हैं। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि नर्सिंग होम का मालिक डॉ. खान BUMS डिग्रीधारी है और उसे इस प्रकार की डिलीवरी प्रक्रिया या सर्जिकल हस्तक्षेप करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इसके बावजूद, यह संदेह है कि संबंधित नर्सिंग होम में अवैध प्रसव और कई अवैध गर्भपात (illegal abortions) की गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि नर्सिंग होम का संचालन और सभी मेडिकल प्रक्रियाएं अवैध रूप से चल रही थीं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या बच्चे को बेचने की यह योजना पहले से तैयार थी, या फिर नवजात की मां की मजबूरी का फायदा उठाकर दलालों और डॉक्टर ने यह अवैध सौदा कराया था। इस घटना ने एक बार फिर अवैध नर्सिंग होम और मानव तस्करी के काले कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।













