भोपाल/छिंदवाड़ा : छिंदवाड़ा सिरप कांड में डॉक्टर प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी के बाद डॉक्टर समुदाय और चिकित्सा संघों में गुस्सा फैल गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गिरफ्तारी का कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि इस घटना में दोष केवल दवा कंपनी और नियामक अधिकारियों का है, डॉक्टर की नहीं। IMA ने सरकार से मांग की है कि डॉक्टर को तुरंत दोषमुक्त किया जाए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई दोबारा न हो।
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जानकारी के अनुसार, परासिया थाने में डॉक्टर और कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। IMA का कहना है कि “बोतल पर केमिकल का जिक्र नहीं था, डॉक्टर कैसे जान सकते थे?” और उन्होंने ड्रग कंपनी और कंट्रोलर पर कार्रवाई की मांग दोहराई।
वहीं, सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। तीन वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उपसंचालक शोभित कोष्टा, छिंदवाड़ा के ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा और जबलपुर ड्रग इंस्पेक्टर शरद जैन को निलंबित किया गया है। फूड एवं ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि दोषियों पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। यह मामला प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।











