Negligence of 108 : बड़वानी। बड़वानी जिले के अंजड़ कस्बे में 108 एंबुलेंस सेवा की लेटलतीफी से नाराज स्थानीय लोगों ने विरोध का एक अनूखा और गांधीवादी तरीका अपनाया। मंगलवार दोपहर दुर्घटना में घायल लोगों को लेने के लिए देर से पहुंची एंबुलेंस के कर्मचारियों का लोगों ने पुष्पहार पहनाकर और श्रीफल भेंट कर ‘अभिनंदन’ किया।
यह घटना मंगलवार दोपहर की है, जब अंजड़ कस्बे में दो बाइकों की भीषण भिड़ंत में पाँच युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
Negligence of 108 : 1 घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस, निजी वैन से ले जाना पड़ा घायल
स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद एंबुलेंस सेवा को सूचना दी गई थी, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। इसके चलते, गंभीर रूप से घायल हुए युवकों में से दो को तुरंत निजी मारुति वैन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इन वैनों में पीछे के दरवाजे नहीं थे और घायलों को स्ट्रेचर सहित लादकर ले जाना पड़ा।
शेष तीन घायलों को लेने के लिए बड़वानी से 108 एंबुलेंस (क्रमांक CJ. 04 NR 7743) लगभग एक घंटे बाद अंजड़ सिविल अस्पताल पहुंची।
Negligence of 108 : गांधीवादी तरीके से किया विरोध
एंबुलेंस के पायलट दीपेश उजले और ईएमटी भीकू सिंह चौहान के पहुँचने पर, स्थानीय समाजसेवियों ने उनका गांधीवादी परंपरा के तहत जोरदार “स्वागत” किया। लोगों ने उन्हें पुष्पहार पहनाए और श्रीफल भेंट किया, जो एंबुलेंस सेवा की इस गंभीर लापरवाही पर एक तीखा व्यंग्य था।
अंजड़ निवासी गिरीश चौहान ने एंबुलेंस कर्मियों का स्वागत करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।
Negligence of 108 : : गिरीश चौहान (स्वागत कर्ता, अंजड़ निवासी) : “जिले में 108 एंबुलेंस की लापरवाही और लेटलतीफी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कभी एंबुलेंस देर से पहुंचती है, तो कभी पहुंचती ही नहीं। इस वजह से दुर्घटनाग्रस्त या बीमार लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। हाल ही में इसी लापरवाही के कारण एक नवजात की मौत भी हो चुकी थी। हमने इस गांधीवादी तरीके से स्वागत इसलिए किया, ताकि 108 एंबुलेंस सेवा प्रदाता अपने इस लापरवाह रवैये को बदलें और पीड़ितों को समय पर यह सुविधा मिल सके।”
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस अनूठे विरोध प्रदर्शन से शायद प्रशासन और एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी पर दबाव पड़ेगा और वह अपनी सेवाओं में सुधार लाएगी।













