Sanjay Gandhi Hospital : संजय गांधी अस्पताल के गायनिक विभाग में इस्तीफों का दौर जारी, डॉ. शीतल पटेल ने HOD की ‘तानाशाही’ से तंग आकर दिया इस्तीफा

VIKASH KHALKHO

Sanjay Gandhi Hospital : रीवा। संजय गांधी अस्पताल (SGMH) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. बीनू कुशवाह की कथित मनमानी और तानाशाही रवैये के चलते चिकित्सकों के इस्तीफे का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। विभाग में यह चौथा बड़ा इस्तीफा है, जिसने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सा शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Sanjay Gandhi Hospital : चार वरिष्ठ चिकित्सकों ने छोड़ा विभाग

पहले गायनिक विभाग की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. कल्पना यादव ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद डॉ. पूजा गंगवार, फिर डॉ. सरिता सिंह ने पद छोड़ दिया। अब, नवीनतम मामले में डॉ. शीतल पटेल ने अवकाश पर रहते हुए श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता (डीन) डॉ. सुनील अग्रवाल को बंद लिफाफे में अपना इस्तीफा भेज दिया है।

सूत्रों के अनुसार, डॉ. शीतल पटेल ने अपने इस्तीफे के लिए सीधे तौर पर गायनिक विभाग की एचओडी डॉ. बीनू कुशवाह की मनमानी और तानाशाह रवैये को जिम्मेदार ठहराया है।

Sanjay Gandhi Hospital : स्वास्थ्य मंत्री को पहले भी सौंप चुके हैं शिकायत पत्र

गौरतलब है कि इससे पहले भी स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की आठ चिकित्सकों ने एक हस्ताक्षरित शिकायती पत्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को सौंपते हुए विभागाध्यक्ष द्वारा की जा रही मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की थी।

शिकायत के बाद, उप मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के डीन को तलब कर चिकित्सकों के बीच सामंजस्य बनाने के दिशा-निर्देश दिए थे। हालांकि, डॉ. शीतल पटेल द्वारा दिया गया यह चौथा इस्तीफा स्पष्ट करता है कि डीन डॉ. सुनील अग्रवाल चिकित्सकों के बीच सामंजस्य स्थापित करने में पूरी तरह से असफल रहे हैं।

Sanjay Gandhi Hospital : डॉ. राहुल मिश्रा, अस्पताल अधीक्षक, संजय गांधी अस्पताल रीवा

“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गायनिक विभाग से लगातार इस्तीफे आ रहे हैं। हमें डॉक्टर शीतल पटेल के इस्तीफे की जानकारी मिली है, जिसे डीन सर को भेजा गया है। चिकित्सकों के बीच सामंजस्य स्थापित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन एक और चिकित्सक का इस्तीफा देना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं समस्या गंभीर है। हम जल्द ही इस विषय पर डीन महोदय से चर्चा करेंगे।”

स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से लगातार योग्य चिकित्सकों के इस्तीफे से अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है, खासकर गर्भवती महिलाओं के इलाज पर। अब देखना होगा कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इस ‘इस्तीफे के दौर’ को रोकने के लिए क्या कठोर कदम उठाता है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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