[Nishaanebaz News] Maihar Ration Scam: मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। ताला थाना क्षेत्र में जांच के दौरान दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर कुल 27 लाख 81 हजार 90 रुपये से अधिक कीमत के खाद्यान्न की कमी पाई गई। मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
फिंगरप्रिंट लेने के बाद भी हितग्राहियों को नहीं मिला राशन
पुलिस के अनुसार, बहुउद्देशीय सेवा सहकारी समिति रामगढ़ द्वारा संचालित बिधुई खुर्द की उचित मूल्य दुकान में मार्च से जून 2026 के बीच खाद्यान्न वितरण में अनियमितता सामने आई। दुकान के विक्रेता अवधेश चतुर्वेदी और सहायक विक्रेता दीपक चतुर्वेदी पर आरोप है कि हितग्राहियों के फिंगरप्रिंट लेने के बावजूद उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया गया।जांच के दौरान दुकान के रिकॉर्ड और उपलब्ध खाद्यान्न का मिलान किया गया तो करीब 12 लाख 92 हजार 987 रुपये कीमत का खाद्यान्न कम पाया गया।
अमझर की राशन दुकान में भी लाखों की कमी
Maihar Ration Scam: इसी सहकारी समिति की अमझर स्थित उचित मूल्य दुकान में भी जांच के दौरान इसी तरह की अनियमितता सामने आई। यहां भी खाद्यान्न के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के मिलान में करीब 14 लाख 88 हजार 103 रुपये कीमत के खाद्यान्न की कमी मिली।दोनों दुकानों में सामने आई कमी को मिलाकर अनियमितता का कुल मूल्य 27 लाख 81 हजार 90 रुपये से अधिक बताया गया है।
दो अलग-अलग मामलों में FIR दर्ज
मामले की जांच के बाद ताला पुलिस ने दोनों प्रकरणों में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 316(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब राशन वितरण से जुड़े दस्तावेजों, स्टॉक और हितग्राहियों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
Maihar Ration Scam: पुलिस कार्रवाई के दौरान दीपक चतुर्वेदी (37), निवासी बिछिया खुर्द, थाना ताला को शनिवार शाम गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं दूसरे आरोपी अवधेश चतुर्वेदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार तलाश कर रही है।
यह कार्रवाई ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।





