Sunday, August 16, 2026
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Opposition to slaughterhouse : ग्रामीण क्षेत्र में बूचड़खाना खोलने का विरोध तेज, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Opposition to slaughterhouse : सुनील शर्मा/सीहोर। जिले की श्यामपुर तहसील के सतपोन गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एक बूचड़खाना (Slaughterhouse) खुलने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। ग्रामीण आज (तारीख) एकजुट होकर सीहोर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बूचड़खाने को तत्काल बंद करने की मांग की।

Opposition to slaughterhouse : प्रतिदिन 4000 पशु काटने का अनुमान
ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम सतपोन, तहसील दोराहा स्थित भूमि पर शोएब अहमद और सगीर अहमद (निवासी आगरा, उत्तर प्रदेश) द्वारा बूचड़खाना खोला जा रहा है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) को कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बूचड़खाने में लगभग प्रतिदिन 1000 भैंस, 2000 बकरा-बकरी और 1000 सूअर (कुल 4000 पशु) काटने का कार्य किया जाएगा।

Opposition to slaughterhouse : प्रदूषण और बीमारी का खतरा
ग्रामीणों का मुख्य विरोध बूचड़खाने से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य खतरों को लेकर है। उनका कहना है कि यहाँ से निकलने वाले अपशिष्ट जैसे चमड़ा, हड्डी, खून आदि से पूरे क्षेत्र में भयानक प्रदूषण और बदबू फैलेगी।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि भविष्य में इस गंदगी और प्रदूषण के कारण क्षेत्र में कई प्रकार की गंभीर बीमारियाँ फैलने का खतरा है। एसएजी (SAG) कंपनी के अनुसार, इस बूचड़खाने में लगभग 600 कर्मचारी काम करेंगे, जो स्थानीय निवासियों के लिए सामाजिक और सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय है।

Opposition to slaughterhouse : 5 दिन में बंद नहीं हुआ तो होगा उग्र प्रदर्शन
आज सीहोर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

Opposition to slaughterhouse : क्षेत्रीय ग्रामीण : “हम इस बूचड़खाने को किसी भी कीमत पर यहां नहीं खुलने देंगे। यह हमारे पर्यावरण, पानी और स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है। हमने कलेक्टर साहब को ज्ञापन दे दिया है और उन्हें स्पष्ट कह दिया है कि अगर यह बूचड़खाना 5 दिन के अंदर बंद नहीं किया जाता है, तो हम सभी ग्रामीण सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।”

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और बूचड़खाने को खोलने की अनुमति रद्द करने की मांग की है।

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