Navratri Kanya Poojan : नवरात्रि के पावन नौ दिनों का समापन महानवमी तिथि पर होता है, जो इस वर्ष 1 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को पड़ रही है। इस दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा होती है और विशेष रूप से कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करने से मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि एवं सिद्धियों की प्राप्ति होती है।
Navratri Kanya Poojan : नवमी तिथि का कन्या पूजन शुभ मुहूर्त
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 बजे से 6:12 बजे तक
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कन्या पूजन मुहूर्त: सुबह 8:10 बजे से दोपहर 9:58 बजे तक
कन्या पूजन की विधि
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कन्याओं का चयन: 1 से 10 वर्ष की कन्याओं को आमंत्रित करें।
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बालक बुलाना: एक छोटे बालक को भी बुलाएं, जिसे भैरव का रूप माना जाता है।
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स्वागत और तिलक: कन्याओं के चरण धोकर उन्हें आदरपूर्वक स्वागत करें और स्वच्छ आसन पर बिठाकर कुमकुम और अक्षत से तिलक करें।
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भोग अर्पित करना: कन्याओं को प्रेमपूर्वक हलवा, पूड़ी, काला चना, खीर आदि का भोग कराएं।
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दक्षिणा और आशीर्वाद: पूजन के अंत में कन्याओं को दक्षिणा और उपहार दें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
नवमी तिथि का महत्व
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नवमी दिन को नवरात्रि का अंतिम और शक्तिशाली दिन माना जाता है।
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मां सिद्धिदात्री को सभी सिद्धियों की दात्री कहा गया है।
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इस दिन कन्या पूजन करने से भक्तों को संपूर्णता, सिद्धि और दिव्य संरक्षण की प्राप्ति होती है।
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यह पूजा आध्यात्मिक उन्नति और परिवार में सुख-शांति लाने का मार्ग प्रशस्त करती है।
यह नवमी कन्या पूजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि नारी शक्ति और मासूम बाल्य स्वरूप के प्रति सम्मान प्रकट करने का भी अद्भुत अवसर है।













