श्रीनगर : अब से थोड़ी देर पहले जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने नौगाम थाने में हुए धमाके पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि घटना का सीधा संबंध फरीदाबाद में पकड़े गए विस्फोटक से है। उन्होंने बताया कि ये वही विस्फोटक सामग्री है जो दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़े ऑपरेशन के तहत फरीदाबाद के एक किराए के घर से बरामद की गई थी। उसी सामग्री की FSL टीम द्वारा सैंपलिंग करते समय यह बड़ा धमाका हुआ।
डीजीपी ने आज दो टूक कहा कि “यह आतंकी हमला नहीं, बल्कि सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान हुआ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। इसमें किसी आतंकी मॉड्यूल या बाहरी हस्तक्षेप का कोई एंगल नहीं है।”
दो दिन से चल रही थी फरीदाबाद विस्फोटक की जांच
डीजीपी प्रभात ने बताया कि फरीदाबाद से लाई गई विस्फोटक सामग्री की जांच प्रक्रिया पिछले दो दिनों से चल रही थी। शुक्रवार रात करीब 11:20 बजे FSL टीम विस्फोटक का नमूना निकाल रही थी, तभी अचानक ब्लास्ट हो गया।
इस हादसे में 9 लोगों की मौत और 32 लोग घायल हुए। कई प्रभावित पुलिसकर्मी और फोरेंसिक विशेषज्ञ उस समय स्थल के बेहद पास मौजूद थे।
फरीदाबाद ब्लास्ट केस लिंक: जांच एजेंसियों का बड़ा फोकस
जांच एजेंसियों के अनुसार फरीदाबाद से जब्त विस्फोटक दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट की जांच का हिस्सा था। उसी मामले में पकड़े गए डॉ. मुजम्मिल गनई के घर से यह सामग्री बरामद हुई थी।
हालांकि दिल्ली और नौगाम दोनों घटनाएँ नज़दीकी समय पर हुईं, लेकिन डीजीपी ने स्पष्ट किया कि उनका आपस में कोई कनेक्शन नहीं है और नौगाम हादसे में कोई साजिश शामिल नहीं है।
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धमाका इतना जोरदार कि इमारत को भारी नुकसान
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार विस्फोट के बाद पुलिस स्टेशन परिसर में धुआं और आग तेजी से फैल गई। लगातार छोटे-छोटे धमाके होने के कारण बम निरोधक दस्ते और राहत कर्मियों के लिए बचाव कार्य मुश्किल हो गया।मलबा हटाने का काम अभी जारी है और अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों और घायलों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
सैंपलिंग के दौरान विस्फोट क्यों? तकनीकी टीम करेगी गहन जांच
फरीदाबाद से आए विस्फोटक की सैंपलिंग के दौरान ब्लास्ट कैसे हुआ? क्या यह रासायनिक अस्थिरता, मानवीय त्रुटि, या तकनीकी खामी का मामला है—इसकी विशेषज्ञ जांच शुरू हो गई है।एफएसएल और तकनीकी टीमें इस बात पर फोकस कर रही हैं कि आखिर विस्फोटक हैंडलिंग के दौरान इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।









