अहमदाबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के एक दिन के दौरे पर रहेंगे, जहां उनके कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 10 बजे सूरत से होगी। मोदी यहां मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) के अंतर्गत बन रहे अत्याधुनिक बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा करेंगे। यह परियोजना भारत की सबसे महत्वाकांक्षी परिवहन योजनाओं में से एक मानी जा रही है।
PM Modi in Gujarat मुंबई से अहमदाबाद तक 508 किलोमीटर लंबे इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से 352 किलोमीटर हिस्सा गुजरात और दादरा-नगर हवेली में आता है, जबकि 156 किलोमीटर हिस्सा महाराष्ट्र में स्थित है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दोनों महानगरों के बीच यात्रा समय लगभग दो घंटे कम हो जाएगा। यह रेल लाइन साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगी।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर कार्यक्रम
सूरत के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा पहुंचेंगे, जहां वे धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे लगभग 9700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री यहां एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई योजनाएँ
PM Modi in Gujarat मोदी प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बने एक लाख नए घरों के गृह प्रवेश कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके अलावा जनजातीय इलाकों में संपर्क और आजीविका बढ़ाने के लिए 748 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, 14 नए जनजातीय बहु-विपणन केंद्रों की आधारशिला रखी जाएगी, जो आगे चलकर समुदाय के सामुदायिक केंद्र के रूप में काम करेंगे।
Read More : Bihar Elections 2025 : 243 सीटों के नतीजे जारी : NDA 200 के पार, भाजपा ने तोड़ा 45 साल का रिकॉर्ड
देवमोगरा धाम में पूजा-अर्चना
नर्मदा जिले की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री याहामोगी देवमोगरा धाम में पूजा करेंगे। यह मंदिर आदिवासी समुदाय की कुलदेवी पंडोरी माता का प्रसिद्ध धाम है। माना जाता है कि यहां स्वयंभू याहा पंडोरी देवमोगरा माता सदियों से स्थापित हैं, जिन्हें गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के आदिवासी समुदाय अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।
प्रधानमंत्री का यह दौरा इंफ़्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और जनजातीय विकास—इन तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है, जिसके दूरगामी प्रभाव गुजरात के आदिवासी और शहरी दोनों क्षेत्रों पर पड़ सकते हैं।









