Narela Assembly Voter List Dispute : भोपाल। राजधानी की नरेला विधानसभा सीट पर मतदाताओं के नाम काटने का विवाद अब गंभीर राजनीतिक मोड़ ले चुका है। इसी कड़ी में सोमवार को भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज पचौरी ने अपने वकीलों की टीम के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस नेता एक विशेष वर्ग को लाभ पहुँचाने के लिए मनगढ़ंत और झूठे दावे कर रहे हैं।
क्या है पूरा विवाद? नरेला विधानसभा क्षेत्र में ‘स्पेशल इलेक्टोरल रोल’ (SIR) पुनरीक्षण के बाद कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने यह इल्जाम लगाया था कि नरेला से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जानबूझकर काटे गए हैं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने निर्वाचन आयोग में भी शिकायत की थी। वहीं, अब भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज पचौरी ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि नरेला में एक भी व्यक्ति का नाम बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के नहीं काटा गया है।
भाजपा की दो-टूक: अब कोर्ट का रुख करेंगे निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज पचौरी और उनके पैनल के वकीलों ने स्पष्ट किया कि यदि आयोग ने इस मामले में झूठी शिकायत करने वाले कांग्रेसी नेताओं पर कार्रवाई नहीं की, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। पचौरी ने कहा, “मनोज शुक्ला और दिग्विजय सिंह केवल भ्रम फैलाकर समाज के एक वर्ग को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। हम इन नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की भी पूरी तैयारी कर रहे हैं।”
सियासी बयानबाजी का केंद्र बनी नरेला विधानसभा गौरतलब है कि नरेला विधानसभा सीट से पिछले चुनाव में मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ कांग्रेस के मनोज शुक्ला उम्मीदवार थे। चुनाव में हार के बाद से ही उन्होंने मतदाता सूची में धांधली के कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अब भाजपा द्वारा निर्वाचन आयोग में शिकायत के बाद यह मामला और अधिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। फिलहाल, निर्वाचन आयोग की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
प्रमुख बाइट्स:
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नीरज पचौरी (मंडल अध्यक्ष, भाजपा): “कांग्रेस नेता पूरी तरह से झूठी और आधारहीन शिकायतें कर रहे हैं। नरेला में ऐसी कोई धांधली नहीं हुई है। हम इस राजनीति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।”
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ओम पाटीदार (एडवोकेट): “निर्वाचन आयोग को दी गई शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि किस प्रकार तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। हम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।”











