Mungeli News: मुंगेली: जिले के तहसील लोरमी अंतर्गत आने वाले वन ग्राम औरापानी (वन परिक्षेत्र खुड़िया, वन मंडल मुंगेली) में स्थित ऐतिहासिक ब्रिटिश शासन काल का वन विश्राम गृह (रेस्टहाउस) प्रशासनिक उपेक्षा और देख-रेख के अभाव में खंडहर में तब्दील होता जा रहा है.
जर्जर भवन और बुनियादी सुविधाओं का अकाल
रेस्टहाउस परिसर में तैनात चौकीदार के अनुसार, देख-रेख न होने के कारण भवन की छत (छप्पर) उखड़ चुकी है कमरा की अन्दर बेड पूरी तरह टूटा पड़ा है जमीन पर छत के ऊपर लगे आलबेस्टर पूरी तरह उखड़ गया है नल-पाइप टूट-फूट गए हैं और पिछले कई महीनों से बिजली आपूर्ति भी ठप्प पड़ी है। चौकीदार का खुद का रहने वाला कमरा भी बेहद बदहाल स्थिति में है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और क्षेत्र से नदारद रहते हैं।
कागजों तक सीमित ‘प्रधानमंत्री सड़क योजना’
क्षेत्र की मुख्य सड़क समस्या भी गंभीर रूप ले चुकी है। बिजरा से औरापानी तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मार्ग स्वीकृत तो हुआ है, लेकिन धरातल पर काम न होने से यह योजना केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है। सड़क की हालत इतनी खस्ता और जर्जर है कि उस पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
बैगा जनजातीय समुदाय की बढ़ी मुश्किलें
औरपानी वन ग्राम में निवास करने वाले बैगा वनवासी समुदाय के लोग इस विकट स्थिति में जैसे-तैसे अपना जीवन यापन करने पर मजबूर हैं। खराब सड़क और सुविधाओं के अभाव में आपातकालीन स्थितियों में भी ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों और वनवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ऐतिहासिक वन विश्राम गृह का जीर्णोद्धार कराया जाए तथा बिजरा-औरपानी मार्ग का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कर क्षेत्रवासियों को राहत दी जाए।
रेस्ट हाउस के सौदर्यकरण के नाम पर लाखो रुपये का बंदरबाट
Mungeli News: विभाग के संबंधित अधिकारियो के द्वारा रेस्ट हाउस सौदर्यीकरण के नाम पर जो भी पैसे आये उनको विकास के नाम पर सिर्फ पैसो का बंदरबाट किया गया और सिर्फ ये उन पैसो को रेस्ट हॉउस के विकास करने के बजाय ख़ुद के विकास मे उपयोग किया गया रेस्ट हॉउस की स्थिति देख कर यही प्रतीत होता है.






