रीवा। Nishaanebaz.com-Rewa University Protest: अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (APSU) में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय व नियुक्ति अनियमितताओं, विजिटिंग फैकल्टी से जुड़े मामलों और परीक्षा परिणामों में हो रही भारी देरी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इन तमाम समस्याओं और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) का आंदोलन सोमवार को और अधिक तेज हो गया।
पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुसार, सोमवार को विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, धरना एवं सत्याग्रह की शुरुआत की जानी थी। NSUI जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जैसे ही गेट के बाहर टेंट लगाकर अपना आंदोलन शुरू किया, वैसे ही पुलिस और प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने विरोध के बीच टेंट को उखाड़ कर फेंक दिया और वहां मौजूद आंदोलनकारी छात्रों को खदेड़ दिया।
रीवा APSU में कथित अनियमितताओं के खिलाफ NSUI का प्रदर्शन। पुलिस ने टेंट हटाया और जिलाध्यक्ष समेत कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। 3 दिन में जांच की मांग।
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— News (@khalkho_ji) October 5, 2026
टेंट उखाड़े जाने और पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भी NSUI जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने हार नहीं मानी और वे महात्मा गांधी की प्रतिमा को लेकर वहीं अकेले शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें वहां भी बैठने की अनुमति नहीं दी और मौके पर दबाव का हवाला देते हुए आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने पंकज उपाध्याय समेत उनके कई प्रमुख साथियों को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया और गाड़ी में बैठाकर बिछिया थाने ले आई, जहां उन्हें कई घंटों तक बैठाए रखा गया।
पुलिस हिरासत से बाहर आने के बाद NSUI जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कड़े तेवर दिखाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि छात्रों के हक की यह लड़ाई अब थमने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को अगले तीन दिनों के भीतर उठाए गए सभी मुद्दों और आरोपों की निष्पक्ष जांच कर ठोस निराकरण करना होगा। यदि मांगें पूरी नहीं की गईं, तो भूख हड़ताल के साथ-साथ जल सत्याग्रह और उग्र आंदोलन किए जाएंगे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक विश्वविद्यालय के पीड़ित छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।






