MSME MP : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चैतन्य काश्यप ने आज भोपाल में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने अपने विभाग की दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार के लिए एक नया और सकारात्मक माहौल तैयार हुआ है।
मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में आयोजित आठ रीजनल इन्वेस्टर समिट ने न केवल निवेश के नए रास्ते खोले हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं। उन्होंने गौरव के साथ उल्लेख किया कि पहली बार राजधानी भोपाल में भव्य ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का सफल आयोजन हुआ, जिसने वैश्विक निवेशकों का ध्यान मध्य प्रदेश की ओर खींचा है।
नई नीतियां और सब्सिडी का ऐलान: विभाग की भविष्य की कार्ययोजना साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि एमएसएमई विभाग ने तीन नई नीतियों को अंतिम रूप दिया है। इनमें ‘एमपी स्टार्टअप नीति 2025’ प्रमुख है, जो युवा उद्यमियों को संबल प्रदान करेगी। इसके अलावा, उद्योगों के लिए सुगम भूमि आवंटन की नीति भी बनाई गई है। निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में मध्यम उद्योगों में 73 प्रतिशत निवेश करने पर सरकार द्वारा 40 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
स्टॉक एक्सचेंज में होगी एमएसएमई की एंट्री: मध्य प्रदेश के उद्योगों की वित्तीय मजबूती को लेकर मंत्री ने कहा कि वर्तमान में एमपी में एमएसएमई उद्योगों की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग काफी कम है। इस स्थिति को सुधारने के लिए एक विशेष नीति तैयार की गई है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश के मध्यम उद्योगों को शेयर बाजार (Stock Exchange) में रजिस्टर्ड होने के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे पूंजी बाजार से सीधा लाभ उठा सकें।
चैतन्य काश्यप ने कहा कि मोहन सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक हब बनाना है। सुशासन और पारदर्शी नीतियों के कारण आज निवेशक मध्य प्रदेश को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नई नीतियों के क्रियान्वयन से आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी।













