भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने 23 और 24 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में मावठे की बारिश की संभावना जताई है। यह बदलाव एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण होगा, जिसका असर ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर विंध्य क्षेत्र तक देखने को मिल सकता है।
10 से ज्यादा जिलों में बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा समेत करीब 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस बारिश को रबी फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है, हालांकि तापमान में गिरावट से ठंड और बढ़ने की संभावना है।
Read More : एक्शन मोड में BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, की केरल से तेलंगाना तक चुनावी प्रभारियों की नियुक्ति
कोहरे ने बढ़ाई ठंड, कई जिलों में दृश्यता घटी
बुधवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में कोहरे का असर देखने को मिला। ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम स्तर का कोहरा दर्ज किया गया, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम जैसे शहरों में हल्का कोहरा छाया रहा।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा तापमान का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। बारिश के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। खासतौर पर उत्तर और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में ठंड का असर अधिक रहेगा।
किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों
मावठे की यह बारिश गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि अधिक नमी और ठंड के कारण फसलों में रोग लगने की आशंका भी बनी रहेगी। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अगले 48 घंटे अहम
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे को महत्वपूर्ण बताया है और लोगों को सुबह-शाम कोहरे के कारण सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी है। हवाई और सड़क यातायात पर भी कोहरे का असर पड़ सकता है।













