निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : देश के कई हिस्सों की तरह मध्य प्रदेश में भी इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव के कारण प्रदेश के अनेक शहरों में बीती रात झमाझम बारिश दर्ज की गई। मौसम में आई इस अचानक तब्दीली ने जहां तापमान में गिरावट लाई है, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
19 फरवरी को आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 19 फरवरी को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। विशेष रूप से ग्वालियर, इंदौर, मुरैना, श्योपुर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में वर्षा की संभावना अधिक बताई गई है। वहीं इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में दोपहर तक बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।
फरवरी में तीसरी बार सक्रिय हुआ बारिश का दौर
यदि अनुमान के अनुसार वर्षा होती है, तो यह फरवरी महीने में तीसरी बार बारिश का दौर होगा। इससे पहले आई तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने कई क्षेत्रों में रबी फसलों को नुकसान पहुंचाया था। प्रशासन ने प्रभावित किसानों के लिए सर्वे और मुआवजा प्रक्रिया भी शुरू की है, जिससे किसानों को राहत मिल सके।
22 फरवरी तक बना रह सकता है अस्थिर मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में 22 फरवरी तक हल्की बारिश और बादलों का दौर जारी रह सकता है। बुधवार को झाबुआ, रतलाम और भोपाल में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहा। हालांकि बदलते सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में तापमान और मौसम दोनों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की स्थिति पर नजर रखें और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। लगातार बदलते मौसम के कारण उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।













