भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस आधुनिक तकनीक की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। पहली बार एमपी पुलिस की अपनी ड्रोन विंग गठित की जाएगी, जो अपराध नियंत्रण, सीमा सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगी। यह पहल देश में पुलिसिंग के क्षेत्र में एक नई मिसाल मानी जा रही है।
100 किलोमीटर तक उड़ान, 6 घंटे की निगरानी
एमपी पुलिस को अत्याधुनिक ड्रोन मिलने जा रहे हैं, जिनकी उड़ान क्षमता करीब 100 किलोमीटर तक होगी और ये लगातार 6 घंटे तक निगरानी कर सकेंगे। खास बात यह है कि ये ड्रोन दिन और रात, दोनों समय उड़ान भरने में सक्षम होंगे और कंट्रोल रूम को लाइव फीड उपलब्ध कराएंगे।
फिक्स्ड विंग ड्रोन से बढ़ेगी ताकत
देश में पहली बार किसी राज्य पुलिस बल के बेड़े में फिक्स्ड विंग ड्रोन शामिल किए जा रहे हैं। ये ड्रोन लंबी दूरी की पेट्रोलिंग और बॉर्डर एरिया में निगरानी के लिए बेहद कारगर माने जाते हैं।
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इंदौर बनेगा ड्रोन ट्रेनिंग का हब
ड्रोन विंग को मजबूत बनाने के लिए इंदौर को ड्रोन ट्रेनिंग का नोडल सेंटर बनाया जा रहा है। यहां पुलिसकर्मियों को ड्रोन संचालन, तकनीकी मेंटेनेंस और लाइव मॉनिटरिंग की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
प्रदेश में खुलेंगे 7 ड्रोन सेंटर
पूरे मध्यप्रदेश में 7 ड्रोन ऑपरेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में 50 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देकर ड्रोन पायलट के रूप में तैयार किया जाएगा।
पुलिसिंग में आएगा बड़ा बदलाव
ड्रोन विंग की मदद से अब बॉर्डर पेट्रोलिंग, अपराध निगरानी, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी मूवमेंट और आपात स्थितियों में तेज और सटीक कार्रवाई संभव होगी। इससे न सिर्फ पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि संसाधनों का पर्यावरण-अनुकूल और स्मार्ट उपयोग भी सुनिश्चित होगा।













