MP News : राजेश व्यास/इंदौर। नगर निगम के राजस्व वसूली और संपत्तियों के भौतिक परीक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान वार्ड क्रमांक 74 में शनिवार को भारी विवाद और हंगामे की स्थिति बन गई।
अभियान के दौरान पार्षद पति और निगम अमले के बीच तीखी बहस हो गई, जो बाद में भंवरकुआं थाने तक पहुंच गई। थाने में करीब दो से तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा।
तीन पक्षों से दर्ज हुई एफआईआरें
दरअसल, नगर निगम के एआरओ शैलेश सिंह और पार्षद पति सुनील हार्डिया के बीच नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
इस पूरे प्रकरण में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं —
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पहली एफआईआर पार्षद पति सुनील हार्डिया की ओर से दर्ज की गई है, जिसमें नगर निगम अधिकारी पर अभद्र व्यवहार और अपमानजनक भाषा का आरोप लगाया गया है।
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दूसरी एफआईआर नगर निगम के एआरओ की ओर से दर्ज की गई है, जिसमें हार्डिया और दो अन्य लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रकरण दर्ज हुआ है।
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तीसरी एफआईआर क्षेत्र की एक महिला रहवासी ने दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया कि खुद को निगमकर्मी बताने वाले कुछ लोग अवैध रूप से घर में घुसे और अभद्रता की।
थाने में पहुंची राजनीति, घंटों चला विवाद
घटना के बाद एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा, पार्षदगण और कई भाजपा नेता थाने पहुंचे।
लंबी बातचीत और बयानबाजी के बाद एफआईआर दर्ज की जा सकी।
एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा ने कहा कि “नगर निगम अधिकारी बिना जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए अभियान चला रहे हैं। अगर इसी तरह जनता को परेशान किया गया, तो विरोध करना पड़ेगा।”
बाइट — बबलू शर्मा, एमआईसी सदस्य
“निगम अधिकारियों को क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर ही कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा यह टकराव बढ़ेगा।”
महापौर ने कहा — अभियान मेरे निर्देश पर नहीं था
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि “यह अभियान न मेरे निर्देश पर था, न विधायक या पार्षद को इसमें शामिल किया गया था।”
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को एफआईआर दर्ज कराने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी, जो निंदनीय है।
महापौर ने बताया कि वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर : “नगर निगम के अमले को जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद बनाकर ही कार्रवाई करनी चाहिए। प्रशासनिक असंयम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पुलिस ने कहा — जांच जारी है, एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि सभी पक्षों की शिकायतों के आधार पर केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि “सीसीटीवी फुटेज और बयान के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।”









