MP NEWS: भोपाल : भोपाल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौतों के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान गिरफ्तार डॉक्टर प्रवीण सोनी ने स्वीकार किया कि उन्हें दवा कंपनी से दवा लिखने पर 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। इस खुलासे ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
MP NEWS: डॉक्टर सोनी और अन्य कई डॉक्टरों ने बच्चों में मूत्र और गुर्दे की समस्याओं के बढ़ने के बावजूद कोल्ड्रिफ सिरप देने का काम जारी रखा। यह लापरवाही बच्चों की मौतों में मुख्य कारण बनी। छिंदवाड़ा में 24 बच्चों की मौत के मामले में यह खुलासा हुआ है। 8 अक्टूबर को कोर्ट ने डॉ. सोनी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी क्योंकि उन्होंने सरकार की 2023 की गाइडलाइन का उल्लंघन किया था, जिसमें 4 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न देने का निर्देश था।
पुलिस ने बताया कि डॉ. सोनी ने अपने बयान में स्वीकार किया कि कंपनी से मिलने वाले 10 प्रतिशत कमीशन के लिए उन्होंने जानलेवा दवा बच्चों को दी। इसके अलावा, वे डॉक्टर के निजी क्लीनिक के पास उनके परिवार के सदस्य द्वारा संचालित मेडिकल स्टोर से दवा का स्टॉक भी करता था।
इसके बावजूद, डॉक्टर ने बच्चों में गंभीर दुष्प्रभावों के बावजूद कोई चेतावनी नहीं दी और न ही स्वास्थ्य अधिकारियों को इसकी सूचना दी। उन्होंने जानबूझकर खतरनाक कफ सिरप का सेवन करवाया, जिससे कई बच्चों की मौत हुई।
MP NEWS: कोर्ट ने कहा कि डॉ. सोनी ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की गाइडलाइन का उल्लंघन किया और 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को फिक्स डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी और एसआईटी जांच के आदेश दिए गए हैं।











