MP News : सिंगरौली | सिंगरौली जिले में नगर निगम सिंगरौली की विशेष परिषद बैठक शुक्रवार, 24 अक्टूबर को घोर राजनीतिक तनाव के बीच संपन्न हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन केंद्रीय विषयों— “एक राष्ट्र – एक चुनाव”, “आत्मनिर्भर भारत” और “जीएसटी-2”— के समर्थन में बुलाई गई इस बैठक में विकास के मुद्दों की बजाय महापौर (आप) और परिषद अध्यक्ष (भाजपा) के बीच की वर्चस्व की लड़ाई सुर्खियों में रही।
बैठक का बहिष्कार और भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
नगर निगम की महापौर रानी अग्रवाल (आम आदमी पार्टी), उनके साथ जुड़े एमआईसी सदस्य, कांग्रेस और बसपा पार्षद इस बैठक से अनुपस्थित रहे। इसके विपरीत, परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय (भाजपा) ने लगभग 20 पार्षदों के साथ बैठक का संचालन किया, जो सत्तापक्ष का “शक्ति प्रदर्शन मंच” बन गई।
- विशिष्ट उपस्थिति: बैठक में विधायक रामनिवास शाह, निगमायुक्त सविता प्रधान, और सांसद प्रतिनिधि संतोष वर्मा की उपस्थिति ने इस आयोजन को पूरी तरह से राजनीतिक रंग दे दिया।
- प्रस्ताव पारित: महापौर की गैरमौजूदगी के बावजूद, केंद्र सरकार के समर्थन में लाए गए तीनों प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
MP News : वॉटर एटीएम घोटाला और सिस्टम फेलियर
बैठक के दौरान भाजपा पार्षदों ने महापौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए निगम प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया।
- वॉटर एटीएम घोटाला: पार्षदों ने आरोप लगाया कि 56 लाख रुपये की मशीन को सवा करोड़ रुपये में खरीदा गया है और इसकी लोकायुक्त जांच कराई जानी चाहिए।
- प्रशासन पर हमला: पार्षदों ने स्मार्ट टॉयलेट, जनसुविधा केंद्र, और टूटी सड़कों की खराब स्थिति को लेकर निगमायुक्त को घेरा। कार्यपालन यंत्री प्रदीप चढ़ार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “निगम का पूरा सिस्टम शॉर्ट सर्किट हो चुका है।”
MP News : विकास की सौगात और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
बैठक में स्थानीय विकास की घोषणा भी हुई, लेकिन उस पर राजनीतिक बयानबाजी हावी रही।
MP News : विधायक की घोषणा
विधायक रामनिवास शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से सिंगरौली को 400 बिस्तरों वाले जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर की सौगात दिए जाने की जानकारी दी। इस घोषणा पर मौजूद पार्षदों ने मेज थपथपाकर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
महापौर और अध्यक्ष आमने-सामने
बैठक से दूरी बनाने वाली महापौर रानी अग्रवाल ने इसे “राजनीतिक शो” करार दिया और कहा कि केंद्र सरकार के प्रस्ताव निगम के विषय नहीं हैं, और उन्हें औपचारिक सूचना भी नहीं दी गई।
- परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय: “सभी पार्षदों को लिखित सूचना दी गई थी। जो नहीं आए, उन्होंने अपने लोकतांत्रिक दायित्व से मुँह मोड़ा।”
- विधायक रामनिवास शाह: “विपक्ष का बहिष्कार समझ आता है, पर सत्ता पक्ष का बहिष्कार असामान्य और दुर्भाग्यपूर्ण है।”
- सांसद प्रतिनिधि संतोष वर्मा: “शायद महापौर और उनके सहयोगी नहीं चाहते कि भारत आत्मनिर्भर बने।”
MP News : प्रस्ताव पारित, मूल मुद्दे अनसुलझे
बैठक में तीन प्रस्तावों— एक राष्ट्र – एक चुनाव, आत्मनिर्भर भारत संकल्प (स्थानीय व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों को ऋण) और जीएसटी सुधार समर्थन— को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
स्थानीय मुद्दों के नाम पर वार्डों में गैस पाइपलाइन और सीवरेज कार्य से क्षतिग्रस्त सड़कों का मुद्दा उठा, जिस पर अध्यक्ष ने ठेकेदारों की बैठक बुलाकर सड़कों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। हालांकि, शहर की टूटी सड़कें, जलसंकट और सफाई व्यवस्था की दुर्दशा पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। राजनीतिक टकराव के बीच जनता के मूल मुद्दे एक बार फिर पीछे छूट गए, और निगम का सिस्टम लगातार “शॉर्ट सर्किट” की स्थिति में बना रहा।













