Friday, August 28, 2026
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MP News : बधौरा चौकी में पदस्थ आरक्षक बना विवादों का केंद्र: कारखास के पद का दुरुपयोग, अवैध कार्यों को बढ़ावा देने का आरोप

सिंगरौली। सिंगरौली जिले की बधौरा चौकी में पदस्थ एक आरक्षक इन दिनों विवादों के केंद्र में आ गया है। वर्तमान में चौकी में कारखास (Car-Khas – एक प्रशासनिक सहायक पद) की भूमिका निभा रहा यह आरक्षक कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध कार्यों को बढ़ावा दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, आरक्षक इस प्रभावशाली पद का इस्तेमाल ऊपरी कमाई के साधन के रूप में कर रहा है।

चौकी परिसर में ही चल रहे इस कथित ‘खेल’ की चर्चा अब पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक पहुँच चुकी है। आरोप है कि आरक्षक का इतिहास पहले भी कई विवादों से घिरा रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद उसे चौकी में एक महत्वपूर्ण पद पर बनाए रखा गया है, जिससे यह पद अब साख के बजाय सवालों का प्रतीक बन गया है।

कारखास पद के नाम पर कथित वसूली का खेल

जानकारी मिली है कि यह आरक्षक चौकी क्षेत्र में सक्रिय ट्रांसपोर्टर, ठेकेदार, खनन कारोबारी और शराब कारोबारियों से अनौपचारिक वसूली कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, चौकी क्षेत्र से किसी भी वाहन को गुजरने या रुकने के लिए अक्सर कारखास की “अनुमति” आवश्यक बताई जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जो कारोबारी ‘सेटिंग’ कर लेते हैं, उन्हें कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन जो वसूली से इनकार करते हैं, उन्हें झूठे मामलों में फंसाने या चालान काटने का डर दिखाया जाता है।

चौकी प्रभारी की छवि पर दाग

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि आरक्षक के इस रवैये से सीधे तौर पर चौकी प्रभारी की साख भी प्रभावित हो रही है। कारखास के नाम पर हो रहे कथित लेनदेन की वजह से चौकी का नाम बदनाम हो रहा है।

कुछ लोगों का तो यहाँ तक कहना है कि आरक्षक अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए चौकी प्रभारी का नाम लेकर अवैध वसूली कर रहा है। यह स्थिति ईमानदार अधिकारियों की छवि को धूमिल कर रही है और जनता का पुलिस पर से भरोसा डगमगा रहा है।

अवैध कारोबारियों में चर्चा का विषय

क्षेत्र में चल रहे अवैध बालू परिवहन, अवैध शराब बिक्री और ओवरलोड वाहनों के बीच अब कारखास का नाम खूब चर्चा में है। अवैध कारोबारियों में यह कहा जाने लगा है कि “अगर सब ठीक रखना है तो कारखास से बात जरूरी है।” यह इस बात का संकेत है कि चौकी स्तर पर ही अनुशासन की डोर कमजोर पड़ रही है, जिससे अवैध कारोबारियों की चांदी हो रही है। इस गंभीर मामले में पुलिस उच्च अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की जा रही है।

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