MP News: अशोकनगर के करीला धाम में गंदगी का अंबार, मंदिर परिसर और परिक्रमा मार्ग पर बिखरा कचरा

Anuj Nirala

 [nishaanebaz.com] MP News:भारतेन्द्र सिंह बैंस\ अशोकनगर। जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल माता जानकी करीला धाम में इन दिनों सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने वाले इस धार्मिक स्थल के मंदिर परिसर, परिक्रमा मार्ग और पार्किंग क्षेत्र के आसपास जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से धाम की स्थिति बदहाल होती जा रही है।

मंदिर परिसर से पार्किंग तक फैला कचरा

करीला धाम में पॉलिथीन, प्लास्टिक के दोने-पत्तल, फूल और अन्य पूजन सामग्री जगह-जगह बिखरी हुई दिखाई देने की बात सामने आई है। मंदिर परिसर के साथ परिक्रमा मार्ग और पार्किंग स्थल के आसपास भी कचरे के ढेर होने की शिकायत है।

श्रद्धालुओं के मुताबिक, धाम में रोजाना बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा दर्जनों चुनरी यात्राएं भी यहां आती हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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पवित्र चुनरियां और पूजन सामग्री जमीन पर बिखरी

श्रद्धालुओं के लिए सबसे चिंता का विषय माता जानकी को अर्पित की जाने वाली चुनरियों और अन्य पूजन सामग्री का उचित प्रबंधन नहीं होना है। आरोप है कि अर्पित चुनरियां, नारियल और अगरबत्ती के पैकेट समेत अन्य सामग्री कचरे के बीच जमीन पर पड़ी रहती है और कई बार पैरों तले दब जाती है।श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़ी सामग्री के सम्मानजनक निस्तारण के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि मंदिर परिसर की पवित्रता भी बनी रहे और लोगों की भावनाएं भी आहत न हों।

डस्टबिन और सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था पर सवाल

स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि धाम में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध नहीं हैं। वहीं नियमित रूप से कचरा उठाने के लिए सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था भी नजर नहीं आती।कचरा खुले में पड़े रहने के कारण आवारा मवेशी भी वहां पहुंच जाते हैं। इससे गंदगी और बढ़ने के साथ दुर्गंध की समस्या भी पैदा होने की बात कही जा रही है।

श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट और प्रशासन से मांगी स्थायी व्यवस्था

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि करीला धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था केवल बड़े आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका आरोप है कि मेला और रंगपंचमी जैसे बड़े आयोजनों के दौरान सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है, लेकिन सामान्य दिनों में व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है।श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन और करीला ट्रस्ट समिति से धाम में स्थायी सफाई व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इसके लिए पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति और नियमित कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

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पूजन सामग्री के लिए अलग व्यवस्था की मांग

श्रद्धालुओं ने माता जानकी को अर्पित चुनरी, नारियल, फूल और अन्य पूजन सामग्री के सम्मानजनक निस्तारण के लिए अलग स्थान बनाने की मांग की है। साथ ही मंदिर परिसर और आसपास पर्याप्त डस्टबिन लगाने की मांग भी की गई है।लोगों का कहना है कि करीला धाम की धार्मिक पहचान और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन और ट्रस्ट समिति श्रद्धालुओं की शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं और धाम की सफाई व्यवस्था में कब तक सुधार होता है।

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