MP NEWS : भोपाल : कांग्रेस के पूर्व सांसद और सीडब्ल्यूसी सदस्य बीके हरिप्रसाद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, प्रदेश मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक सहित कई वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मौजूद रहे। मीडिया को संबोधित करते हुए हरिप्रसाद ने मनरेगा और नेशनल हेराल्ड के मुद्दे पर सरकार की नीतियों को गरीब विरोधी बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
MP NEWS : मनरेगा पर बयान
MP NEWS : बीके हरिप्रसाद ने कहा कि मनरेगा के सुधार के नाम पर गरीबों पर सीधा प्रहार किया गया है। गांधी और गरीब को खत्म करने की साजिश की गई। उन्होंने कहा कि 2004 से 2006 के बीच जब देश बेरोजगारी से जूझ रहा था, तब कांग्रेस सरकार ने मनरेगा के जरिए गरीबों को 100 दिन के रोजगार का कानूनी अधिकार दिया, जिससे करोड़ों लोगों का जीवन चला।
MP NEWS : मनरेगा में बदलाव पर आरोप
MP NEWS : हरिप्रसाद ने कहा कि पहले मनरेगा पूरी तरह विकेंद्रीकृत योजना थी, कोई भी जरूरत पड़ने पर रोजगार मांग सकता था। अब नाम बदलकर इसे केंद्रीकृत कर दिया गया है। पहले केंद्र सरकार 90 प्रतिशत आर्थिक मदद देती थी, अब राज्यों पर बोझ डाला जा रहा है। हार्वेस्टिंग के समय रोजगार बंद कर दिया गया, जो पूरी तरह गलत है।
MP NEWS : नेशनल हेराल्ड मुद्दा
MP NEWS : नेशनल हेराल्ड मामले पर बोलते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी को 13 साल तक बेवजह प्रताड़ित किया गया। उन्होंने बताया कि 1937 में आज़ादी की लड़ाई के दौरान जनता को जागरूक करने के लिए यह अखबार शुरू किया गया था। भाजपा लगातार झूठे आरोप लगाकर कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
MP NEWS : आंदोलन की चेतावनी
MP NEWS : हरिप्रसाद ने ऐलान किया कि मनरेगा और नेशनल हेराल्ड के मुद्दे पर कांग्रेस हर गांव, हर जिले और हर राज्य में आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि 27 दिसंबर को AICC में होने वाली CWC की बैठक के बाद आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी और गांव से लेकर दिल्ली तक सड़कों पर उतरकर सरकार का विरोध किया जाएगा।
MP NEWS : ED-CBI और अन्य मुद्दे
ईडी और सीबीआई की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि देश की ज्यादातर जांच एजेंसियां कंप्रोमाइज हो चुकी हैं। कर्नाटक राजनीतिक संकट पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कोई भ्रम नहीं है, भ्रम भाजपा और मीडिया में है। वहीं RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर उन्होंने RSS को अनरजिस्टर्ड संगठन बताते हुए Z+ सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए।











