भोपाल : मध्य प्रदेश के नाप-तौल अधिकारी कर्मचारी खाद्य भवन निर्माण प्रस्ताव रद्द कराने के लिए 2 फरवरी से पोस्टकार्ड अभियान शुरू करेंगे। प्रदेश की नाप-तौल अधिकारी कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने इसकी जानकारी दी।
पोस्टकार्ड अभियान का तरीका
कर्मचारी दो पोस्टकार्ड भेजेंगे—एक मुख्य सचिव और दूसरा अपर मुख्य सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को। अभियान का उद्देश्य 64 करोड़ रुपए की लागत वाले खाद्य भवन निर्माण प्रस्ताव को रद्द कराना है।
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हरियाली बचाने के लिए पहले भी आंदोलन
कर्मचारियों ने 22 जनवरी को खाद्य भवन परिसर में लगे बड़े पेड़ों की हरियाली बचाने के लिए चिपको आंदोलन किया और काली पट्टी लगाकर काम किया। इसका उद्देश्य पेड़ों और हरित क्षेत्र की रक्षा करना था।
सरकारी धन की बचत और सेंट्रल विस्टा विकल्प
कर्मचारियों का मानना है कि वर्तमान प्रस्ताव में 64 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस प्रस्ताव को रद्द कर सेंट्रल विस्टा में बन रहे कार्यालयों में खाद्य भवन का कार्यालय भेजा जा सकता है। इससे सरकार का धन भी बचेगा और नाप-तौल परिसर की हरियाली सुरक्षित रहेगी।
संघर्ष समिति का आह्वान
नाप-तौल अधिकारी कर्मचारी संघर्ष समिति ने प्रदेश के सभी नाप-तौल अधिकारियों को आह्वान किया है कि वे सरकार से तत्काल रोक लगाने के लिए एकजुट हों। समिति का कहना है कि अगर प्रस्ताव रद्द नहीं किया गया तो भविष्य में और भी व्यापक विरोध अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन और सरकार से मांगें
कर्मचारी चाहते हैं कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यालय के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार किया जाए और प्रस्ताव पर रोक लगाई जाए। उनका तर्क है कि पेड़ों की कटाई और हरित क्षेत्र की हानि रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए।











