Dabra Mahant Video Controversy: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के करहिया क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध गोलेश्वर महादेव मंदिर के महंत सोमनाथ गिरी महाराज को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उनका एक कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी सामने आई है। मामले को लेकर गांव में पंचायत बुलाई गई, जहां महंत को मंदिर के पद से हटाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर भितरवार एसडीएम को भेजने का निर्णय लिया गया।
कथित वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
डबरा महंत वीडियो विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद हुई। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में महंत सोमनाथ गिरी एक महिला के साथ मोबाइल पर अश्लील वीडियो चैट करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वायरल वीडियो से जुड़े दावों को जांच के बाद ही स्पष्ट माना जा सकता है।
पंचायत में महंत को हटाने का प्रस्ताव
वीडियो सामने आने के बाद करहिया गांव में पंचायत आयोजित की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंचायत में महंत को मंदिर की जिम्मेदारी से हटाने का प्रस्ताव तैयार करने पर सहमति बनी। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर की प्रतिष्ठा और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
पंचायत के निर्णय के तहत प्रस्ताव भितरवार के एसडीएम को भेजा जाएगा। हालांकि, महंत को पद से हटाने के संबंध में प्रशासनिक स्तर पर कोई अंतिम आदेश सामने आने की जानकारी नहीं है।
महंत ने आरोपों को बताया साजिश
डबरा महंत वीडियो विवाद पर सोमनाथ गिरी महाराज ने अपना पक्ष भी रखा है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए वीडियो को उन्हें बदनाम करने की साजिश करार दिया है।
महंत का आरोप है कि मिर्ची बाबा के एक शिष्य ने उनकी और मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से वीडियो वायरल किया। यह आरोप महंत की ओर से लगाया गया है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, वीडियो को लेकर उठे सवालों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक जांच की जानकारी सामने आना बाकी है।
अब प्रशासन के फैसले पर नजर
गोलेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े इस विवाद में अब पंचायत के प्रस्ताव और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर है। फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता, उसे रिकॉर्ड किए जाने की परिस्थितियों और महंत को हटाने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी होगी।






