निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश साइबर सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर स्लेवरी गैंग का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जो युवाओं को विदेश में नौकरी का लालच देकर साइबर ठगी के जाल में फंसाते थे।
नौकरी का झांसा, विदेश में ‘गुलामी’
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आकर्षक जॉब ऑफर देकर युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उन्हें थाईलैंड बुलाया जाता और अवैध तरीके से म्यांमार भेज दिया जाता था। वहां पीड़ितों को साइबर ठगी करने वाली कंपनियों को बेच दिया जाता था।
बंधक बनाकर कराया जाता था साइबर अपराध
म्यांमार पहुंचने के बाद युवाओं को बंधक बनाकर उनसे जबरन साइबर स्कैम करवाया जाता था। उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता, ताकि वे गिरोह के लिए काम करते रहें। इस पूरी प्रक्रिया में विदेशी मुद्रा के बदले युवाओं की खरीद-फरोख्त की जाती थी।
Read More : M.P News : रीवा में धूमधाम से मनाई गई ईद, ईदगाहों में उमड़ी नमाजियों की भीड़
भोपाल के युवक ने सुनाई आपबीती
भोपाल निवासी जितेंद्र अहिरवार इस गिरोह का शिकार बने। उन्हें डाटा एंट्री जॉब का ऑफर देकर पहले टेलीग्राम पर इंटरव्यू कराया गया और फिर थाईलैंड भेजा गया। वहां से उन्हें बॉर्डर पार कर म्यांमार ले जाया गया, जहां महीनों तक कैद रखकर मारपीट की गई और साइबर ठगी का काम कराया गया।
म्यांमार आर्मी ने किया रेस्क्यू
बताया गया कि म्यांमार की सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर जितेंद्र को मुक्त कराया और थाईलैंड भेजा। बाद में उन्हें भारत डिपोर्ट किया गया। भारत लौटने के बाद पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बरामद हुए इलेक्ट्रॉनिक सबूत
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट, साइबर स्कैम कंपनी का आई कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। एक आरोपी को बिहार से और दूसरे को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया।
साइबर सेल की एडवाइजरी
साइबर सेल ने लोगों को सतर्क करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं। अनजान जॉब ऑफर पर भरोसा न करें, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।
सरकार ने साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in का उपयोग करने की अपील की है।











