भोपाल : मध्य प्रदेश में 13 दिसंबर से राज्य सरकार के तीसरे कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में मंत्रिपरिषद की पहली अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, परिवहन और ग्रामीण विकास को गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।सरकार का स्पष्ट संदेश है कि तीसरे कार्यकाल में विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने की रफ्तार और तेज की जाएगी।
भोपाल–इंदौर मेट्रो परियोजना को संचालन के लिए बजट मंजूरी
कैबिनेट बैठक में भोपाल–इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रख-रखाव के लिए बजट प्रावधान को मंजूरी दी गई। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए राजस्व मद में 90.67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि मेट्रो संचालन में होने वाले घाटे की भरपाई राज्य सरकार करेगी, जिससे परियोजना पर स्टेट बजट का अतिरिक्त बोझ न पड़े।
अपर नर्मदा परियोजना: डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज
कैबिनेट ने बसानिया और राघौपुर क्षेत्र में बहुउद्देशीय अपर नर्मदा परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए 1782 करोड़ रुपये के विशेष पुनर्वास पैकेज को मंजूरी दी।इस परियोजना पर कुल 5512 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे अनूपपुर, मंडला और डिंडौरी जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। योजना से 71,967 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा और 125 मेगावाट बिजली उत्पादन का रास्ता साफ होगा।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अधोसंरचना योजना को नई रफ्तार
ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अधोसंरचना योजना के सूचकांक को 2 से बढ़ाकर 3 कर दिया गया है। इसके तहत 693.76 करोड़ रुपये की लागत से 3810 नए कार्य शुरू किए जाएंगे, जिससे गांवों में सड़क और आधारभूत ढांचे में बड़ा सुधार होगा।
विकास एजेंडे के साथ आगे बढ़ी सरकार
पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों से साफ है कि सरकार तीसरे कार्यकाल में शहरी परिवहन, जल संसाधन और ग्रामीण अधोसंरचना को प्राथमिकता देने के मूड में है। आने वाले दिनों में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सभी की नजर रहेगी।













