Mauganj News : मऊगंज/अभय मिश्रा : मऊगंज में हालात तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। 75 वर्षीय अनशनकारियों के आंदोलन के बीच प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए अब पत्रकारों और सोशल मीडिया पर भी कड़ा शिकंजा कस दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजय जैन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है।
Mauganj News : जारी आदेश में सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, रील्स, यूट्यूब, ट्विटर (एक्स) सहित सभी डिजिटल माध्यमों पर भ्रामक एवं अपुष्ट खबरों के प्रकाशन और प्रसारण पर तत्काल रोक लगा दी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान यदि कोई भी ऐसा संदेश भेजते या फॉरवर्ड करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश को लेकर पत्रकार जगत में भी भारी हलचल है।
Mauganj News : इधर, कलेक्टर के कथित निज सहायक पंकज श्रीवास्तव पर वार्डन शकुंतला नीरत से ₹1 लाख 12 हजार की कथित रिश्वत के मामले में हटाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन पर भी प्रशासन का दबाव बढ़ गया है। मऊगंज थाने में एफआईआर पंजीबद्ध कर ली गई है और अनशनकारियों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार रीवा से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
Mauganj News : कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे तीन दिनों से अनवरत अनशन कर रहे प्रदर्शनकारी अब उग्र हो गए हैं। आज आंदोलन ने और तीखा रूप लेते हुए अर्धनग्न प्रदर्शन का रास्ता अपनाया। अनशनकारियों में भारी आक्रोश है और बड़े हंगामे की आशंका जताई जा रही है।
पंकज श्रीवास्तव पूर्व में केदारनाथ महाविद्यालय, मऊगंज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (लैब परिचारक) के पद पर पदस्थ थे। पूर्व कलेक्टर अजय श्रीवास्तव द्वारा उन्हें रेस्ट हाउस कंट्रोल रूम में कार्य हेतु बुलाया गया था, लेकिन बाद में कलेक्टर कार्यालय मऊगंज में संलग्न कर दिया गया। इसी को लेकर कई सामाजिक संगठनों और आमजन लंबे समय से उन्हें हटाने की मांग कर रहे थे।
Mauganj News : यही नहीं, पंकज श्रीवास्तव पर हूटर लगी गाड़ी और “मध्य प्रदेश शासन” लिखी नेम प्लेट लगाकर प्रभाव दिखाने के आरोप भी लगे थे। खबरें सामने आने के बाद हूटर तो हटवा दिया गया, लेकिन पद से हटाने की कार्रवाई न होने से आंदोलन और भड़क गया है।
Mauganj News : एक ओर अनशनकारियों पर कार्रवाई, दूसरी ओर पत्रकारों व सोशल मीडिया पर पाबंदी—इन दोनों मोर्चों पर प्रशासन की सख्ती से मऊगंज का माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है।













