Mahakal Shringar Aarti : उज्जैन | उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में, भस्म आरती के बाद होने वाली शृंगार आरती का दृश्य अपने आप में बेहद खास और मनोहारी होता है। यह आरती सुबह लगभग 7:30 बजे से 8:30 बजे के बीच होती है, और यह उस भव्य श्रृंगार का हिस्सा है जो भगवान महाकाल का प्रतिदिन किया जाता है।
Mahakal Shringar Aarti : आरती की भव्यता
जैसे ही भस्म आरती संपन्न होती है, भगवान महाकाल के लिंग स्वरूप को शृंगारित करने की प्रक्रिया शुरू होती है। इस दौरान, उन्हें विभिन्न प्रकार के वस्त्र, आभूषण, और फूल-मालाओं से सजाया जाता है। इस शृंगार का हर एक हिस्सा पारंपरिक और धार्मिक महत्व रखता है। भक्तों के बीच इस शृंगार को देखने का उत्साह देखते ही बनता है, क्योंकि हर दिन यह शृंगार अलग-अलग होता है।
भक्तों का अनुभव
शृंगार आरती के समय, मंदिर का वातावरण भक्ति और श्रद्धा से भर जाता है। भस्म आरती के बाद भी, कई भक्त इस शृंगार आरती का हिस्सा बनने के लिए रुकते हैं। वे घंटियों की मधुर ध्वनि और मंत्रों के जाप के बीच भगवान महाकाल के इस भव्य रूप के दर्शन करते हैं, जो उनके दिन की शुरुआत को और भी मंगलमय बना देता है। यह आरती सिर्फ एक पूजा नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो भक्तों को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।











