भोपाल : मध्य प्रदेश में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे कई जिलों में बारिश और घने कोहरे का असर देखने को मिला। पिछले 24 घंटों में 30 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई, वहीं प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में सुबह के समय दृश्यता कम हो गई। ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है।
ग्वालियर-चंबल में सबसे ज्यादा कोहरे का असर
प्रदेश के कई शहरों में घना कोहरा छाया रहा, लेकिन ग्वालियर-चंबल संभाग में स्थिति सबसे गंभीर रही। यहां दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। दतिया और रीवा में 50 से 200 मीटर तक दृश्यता रही, जबकि रतलाम, उज्जैन और दमोह में यह 500 मीटर से एक किलोमीटर के बीच रही। भोपाल, इंदौर, राजगढ़ और खजुराहो में दृश्यता एक किलोमीटर से अधिक दर्ज की गई, वहीं जबलपुर, मंडला और सागर जैसे जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही।
मौसम विभाग की सावधानी बरतने की सलाह
घने कोहरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सुबह के समय अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है। वाहन चालकों को धीमी गति से ड्राइविंग करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। गुरुवार और शुक्रवार को भी कई क्षेत्रों में कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई गई है।
अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना कम
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों में प्रदेश में बारिश के आसार नहीं हैं, लेकिन 6 और 7 फरवरी को कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। इससे सुबह और देर रात के समय ठंड का असर जारी रहने की संभावना है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस का दिख रहा प्रभाव
उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। इसी कारण कई शहरों में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।











