शहडोल। Nishaanebaz.com-Shahdol Railway Station Viral Video: मध्य प्रदेश के शहडोल रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण के चाहे जितने दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीन पर यात्रियों की बुनियादी सुविधाएं आज भी किस बदहाली से गुजर रही हैं, इसकी बानगी दिखाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्टेशन के कायाकल्प के बाद भी दिव्यांगों, बुजुर्गों और बीमार यात्रियों के लिए रैंप (Ramp) जैसी बुनियादी सुविधा का न होना रेलवे प्रशासन की बड़ी लापरवाही की पोल खोल रहा है। ताजा मामले में एक पैर फैक्चर मरीज को व्हीलचेयर पर बैठाकर रेलवे ट्रैक के बीच गिट्टियों से होकर ले जाने की मजबूरी सामने आई है।
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रैंप न होने से रेलवे ट्रैक और गिट्टियों से गुजरने की मजबूरी प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल शहर के रहने वाले मो. सैय्यद का पैर फैक्चर हो गया था, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए ट्रेन से जबलपुर जाना था। परिजन उन्हें लेकर शहडोल रेलवे स्टेशन तो पहुंच गए, लेकिन प्लेटफॉर्म बदलने या ट्रेन तक पहुंचने के लिए दिव्यांगों या मरीजों के अनुकूल रैंप की कोई उचित व्यवस्था नहीं मिली।
मजबूरी में परिजनों को पैर फैक्चर से जूझ रहे मरीज को व्हीलचेयर पर बैठाकर सीधे रेलवे ट्रैक के बीच से, नुकीली गिट्टियों के ऊपर से खींचकर ले जाना पड़ा। इस अमानवीय और जोखिम भरे हालात का किसी यात्री ने वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग रेलवे की व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल खड़े कर रहे हैं।
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सौंदर्यीकरण के दावों के बीच कागजों पर सिमटी सुविधाएं शहडोल संभाग के रेलवे स्टेशनों पर विकास और फसाड (Facade) चमकाने के काम जोर-शोर से किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रैंप के अभाव में कई बार मरीजों को उनके परिजनों द्वारा गोद में उठाकर या पीठ पर लादकर प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना पड़ता है।
इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर रेलवे के सुरक्षा दावों और यात्री सुविधाओं की पोल खोल दी है। अब देखना यह होगा कि क्या इस गंभीर वायरल वीडियो के सामने आने के बाद जिम्मेदार रेलवे अधिकारी सुस्ती छोड़ेंगे और यात्रियों की सहूलियत के लिए समय रहते रैंप का निर्माण कराएंगे या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।
