[Nishaanebaz News] MP News:शशांक सोनकपुरिया\ बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में स्थित ससुन्दरा RTO चेक पोस्ट एक बार फिर विवादों में है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि आधिकारिक रूप से बंद हो चुके इस चेक पोस्ट पर बाहरी लोगों द्वारा ट्रक चालकों से कथित तौर पर अवैध वसूली की जा रही है। आरोप है कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों को फोरलेन पर बैरिकेड्स लगाकर रोका जाता है और उनसे बिना किसी पावती के 500 से 1000 रुपये तक लिए जाते हैं।
मामले को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने कथित अवैध वसूली के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की बात कही है, जबकि जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने भी इसका विरोध जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
सरकारी चेक पोस्ट बंद, फिर भी वसूली के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि ससुन्दरा स्थित RTO चेक पोस्ट कागजों पर पहले ही बंद हो चुका है। आरोप है कि इसके बावजूद फोरलेन पर लोहे के बैरिकेड्स लगाकर बाहर से आने वाले ट्रकों को रोका जा रहा है।ट्रक चालकों के मुताबिक, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के नंबर वाले वाहनों को रोककर कथित रूप से पैसे मांगे जाते हैं। वाहन चालकों का आरोप है कि उनसे 500 और 1000 रुपये की राशि ली जाती है, लेकिन इसके बदले कोई रसीद या चालान नहीं दिया जाता।
एक चालक ने आरोप लगाया कि उसके वाहन के दस्तावेज पूरे होने के बावजूद उसे वाहन रोकने और पैसे देने के लिए कहा गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
बाहरी लोगों पर वसूली करने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि वाहन चालकों से कथित वसूली करने वाले लोग परिवहन विभाग के नियमित कर्मचारी नहीं हैं। स्थानीय लोगों और चालकों का दावा है कि फोरलेन पर खाकी जैसी वर्दी पहने कुछ बाहरी युवक वाहनों को रोकते हैं।लोगों का सवाल है कि यदि चेक पोस्ट आधिकारिक रूप से बंद है तो वहां वाहनों की जांच या उन्हें रोकने का अधिकार किसके पास है। इस संबंध में परिवहन विभाग और प्रशासन की ओर से स्पष्ट जवाब की मांग की जा रही है।
बिना रसीद पैसे लेने के आरोप से बढ़ा विवाद
वाहन चालकों का आरोप है कि कथित रूप से ली जाने वाली रकम के बदले किसी प्रकार की रसीद या चालान नहीं दिया जाता। इसी वजह से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी वाहन के दस्तावेजों में कमी है तो नियमानुसार चालान या कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन बिना पावती रकम लिए जाने के आरोपों ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 22, 2026
फोरलेन पर बैरिकेड्स से हादसे की आशंका
ससुन्दरा क्षेत्र में फोरलेन सड़क पर लगाए गए लोहे के बैरिकेड्स भी चिंता का विषय बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर बैरिकेड्स के कारण तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक रुकने की स्थिति बनती है।ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय यदि बैरिकेड्स पर्याप्त संकेतक या रोशनी के बिना रखे जाते हैं तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। स्थानीय स्तर पर हाल के दिनों में दो बाइक सवारों के घायल होने की बात भी सामने आई है।लोगों ने प्रशासन से सड़क पर लगाए गए बैरिकेड्स की वैधता और सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी
कथित अवैध वसूली के मामले को लेकर कांग्रेस ने भी विरोध जताया है। जिला कांग्रेस से जुड़े नेताओं का कहना है कि यदि बंद चेक पोस्ट पर वाहनों से अवैध रूप से पैसे लिए जा रहे हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो पार्टी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
जयस ने भी जताया विरोध
जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने भी मामले को लेकर नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि बाहर से आने वाले वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को कथित रूप से परेशान किया जा रहा है।जयस नेताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और फोरलेन पर अनधिकृत रूप से वाहनों को रोकने तथा बैरिकेड्स लगाने के मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग की है।
वाहन चालकों ने किया विरोध, जाम की स्थिति बनी
बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात कथित वसूली से नाराज कुछ वाहन चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क पर जाम जैसी स्थिति भी बनी। आरोप है कि विरोध बढ़ने के बाद वहां मौजूद लोग मौके से चले गए।वाहन चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रशासन के सामने उठे तीन बड़े सवाल
मामले के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक संगठनों ने प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े किए हैं—
- यदि ससुन्दरा RTO चेक पोस्ट आधिकारिक रूप से बंद है, तो फोरलेन पर वाहनों को रोकने और बैरिकेड्स लगाने की अनुमति किसने दी?
- बिना रसीद या चालान के कथित रूप से ली जा रही रकम की जांच कब होगी और इसकी जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी?
- फोरलेन पर लगाए गए बैरिकेड्स को लेकर सुरक्षा मानकों की जांच कब होगी और हादसे के खतरे को कैसे दूर किया जाएगा?
फिलहाल मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस और जयस के विरोध के बाद प्रशासन पर आरोपों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ गया है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यदि अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।





