Bhopal Farmers Protest : भोपाल किसान आंदोलन ने राजधानी की रफ्तार धीमी कर दी है। मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हजारों किसान भोपाल पहुंच चुके हैं। आंदोलन का असर बुधवार सुबह से ही देखने को मिला, जब कई स्कूलों ने अचानक छुट्टी घोषित कर दी। इससे बच्चों, अभिभावकों और स्कूल वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं किसान संगठनों ने आज मुख्यमंत्री निवास के घेराव का ऐलान किया है।
भोपाल किसान आंदोलन के कारण मंगलवार देर रात तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। इसके बाद बुधवार सुबह कई स्कूलों ने छुट्टी की सूचना भेजी। कई अभिभावकों को यह जानकारी तब मिली, जब बच्चे स्कूल जाने के लिए तैयार हो चुके थे।कुछ बच्चे स्कूल वैन का इंतजार करते रहे, जबकि कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे तो वहां से उन्हें वापस लौटना पड़ा। कुछ स्कूलों में पहले से सूचना नहीं पहुंचने के कारण बच्चे परिसर तक पहुंच गए, लेकिन बाद में उन्हें घर भेज दिया गया।
बैरिकेडिंग के बावजूद राजधानी पहुंचे किसान
भोपाल किसान आंदोलन के दौरान मंगलवार को वीर सावरकर सेतु और 11 मील बायपास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कई स्थानों पर किसान बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए।इसके बाद पुलिस ने नर्मदापुरम रोड पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग की और बसें खड़ी कर मार्ग को अवरुद्ध किया। इससे कटारा हिल्स और आसपास के इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था बदली
भोपाल किसान आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है। नर्मदापुरम रोड से आने वाले वाहनों को 11 मील बायपास, खजूरी कला, एसओएस रोड और पिपलानी की ओर भेजा जा रहा है।एम्स जाने वाले लोगों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। पुलिस ने लोगों से यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने की अपील की है।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के सामने डटे किसान
हजारों किसान भोपाल किसान आंदोलन के तहत नर्मदापुरम रोड स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) के सामने डटे हुए हैं। यहां भारी पुलिस बल और कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। किसान अपने साथ भोजन और जरूरी सामान लेकर पहुंचे हैं और आगे की रणनीति बना रहे हैं।
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100 प्रतिशत मूंग खरीदी की है मुख्य मांग
भोपाल किसान आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी है। किसान चाहते हैं कि सभी पंजीकृत किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाए। इसके अलावा खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने की भी मांग की जा रही है।
राज्य सरकार ने केंद्र से बढ़ाने की मांग की खरीदी सीमा
इधर किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग खरीदी का लक्ष्य 4.54 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 8.06 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया है।पत्र के अनुसार प्रदेश में इस वर्ष लगभग 20.16 लाख मीट्रिक टन मूंग उत्पादन का अनुमान है। सरकार का कहना है कि लक्ष्य बढ़ने से अधिक किसानों को MSP का लाभ मिल सकेगा।
आज सीएम हाउस घेराव की तैयारी
भोपाल किसान आंदोलन के तहत किसान संगठनों ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने का ऐलान किया है। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और मुख्यमंत्री निवास के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल राजधानी में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।






