भिण्ड [Nishanebaaz News]। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत कलश रथ यात्रा भिण्ड जिले में प्रवेश कर चुकी है। वाराणसी (काशी) से लाई गई पवित्र मिट्टी से पूजित यह कलश रथ 20 अगस्त से 10 सितंबर तक जिले के विभिन्न विकासखंडों, जनपदों, वार्डों और ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संत रविदास जी के समानता, समरसता और सामाजिक सद्भाव के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मेहगांव गल्लामंडी में मंत्री राकेश शुक्ला ने की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शुरू हुए इस राज्यव्यापी अभियान को लेकर भिण्ड जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
अभियान के तहत मेहगांव स्थित गल्लामंडी प्रांगण के संत रविदास मंदिर में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। उन्होंने संत रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना की और काशी से लाए गए पवित्र मिट्टी पूजित कलश को मंदिर परिसर में स्थापित किया।
दो दर्जन से अधिक संतों का शॉल व श्रीफल से किया सम्मान
कलश स्थापना के पश्चात आयोजित भव्य समारोह में मंत्री राकेश शुक्ला ने क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक स्थानीय संतों एवं महात्माओं का माल्यार्पण, शॉल और श्रीफल भेंटकर भावभीना सम्मान किया।
मंच से जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा:
“संत रविदास जी का संदेश और उनके विचार किसी एक वर्ग विशेष तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संपूर्ण मानव समाज को एक सूत्र में पिरोने और भाईचारे का पाठ पढ़ाने वाले हैं। काशी की पावन मिट्टी से शुरू हुआ यह संकल्प अब भिण्ड के प्रत्येक गांव तक पहुंचकर सामाजिक समरसता की अलख जगाएगा।”
10 सितंबर तक गांव-गांव पहुंचेगी यात्रा
जिला मुख्यालय और विकासखंडों में पूजन-अर्चन के बाद यह कलश रथ यात्रा अब भिण्ड जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों की ओर प्रस्थान करेगी। 10 सितंबर तक चलने वाले इस चरणबद्ध अभियान के दौरान जगह-जगह सामाजिक सद्भाव संगोष्ठियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे युवा पीढ़ी को संत रविदास जी की शिक्षाओं और सामाजिक समरसता के सिद्धांतों से जोड़ा जा सके।
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कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद रहे: कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक, भाजपा संगठन पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु।





