Thursday, August 20, 2026
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HUL vs Beco Delhi High Court Dispute: सर्फ एक्सेल और विम में हानिकारक केमिकल का दावा: विज्ञापनों पर रोक के लिए एचयूएल पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट

नई दिल्ली [Nishanebaaz News]। एफएमसीजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) अपने सबसे लोकप्रिय ब्रांड्स ‘सर्फ एक्सेल’ (Surf Excel) और ‘विम’ (Vim) की सुरक्षा पर सवाल उठाए जाने के बाद कानूनी जंग में उतर आई है। एचयूएल ने बेको (Beco) के नए एडवरटाइजिंग कैंपेन पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी का आरोप है कि बेको अपने विज्ञापनों के जरिए उसके प्रोडक्ट्स को लेकर उपभोक्ताओं के बीच भ्रामक, गलत और हानिकारक धारणा बना रही है।

एचयूएल ने बेको की मूल कंपनी क्विक लिविंग (आई) प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दायर याचिका में व्यावसायिक मानहानि (Commercial Disparagement), ट्रेडमार्क उल्लंघन और पासिंग ऑफ के गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है विवाद का मुख्य कारण? (WarOnWhatsHidden Campaign)

यह पूरा मामला बेको द्वारा चलाए जा रहे #WarOnWhatsHidden अभियान से जुड़ा है। बेको ने सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, इन्फ्लुएंसर प्रमोशन और होर्डिंग्स के जरिए अपने प्रोडक्ट्स की तुलना HUL के फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स ‘सर्फ एक्सेल मैटिक लिक्विड’ और ‘विम डिशवॉश जेल’ से की है।

  • बेको का दावा: बेको का दावा है कि लैब टेस्टिंग में सर्फ एक्सेल में Benzisothiazolinone (BIT) और सर्फ एक्सेल व विम दोनों में Linear Alkylbenzene Sulfonate (LAS) पाया गया है। कंपनी का कहना है कि ये तत्व त्वचा में जलन और एलर्जी का कारण बन सकते हैं।

  • टैगलाइन के इस्तेमाल पर आपत्ति: HUL ने आरोप लगाया है कि बेको ने विज्ञापनों में उसकी पहचान उजागर करने के लिए रजिस्टर्ड टैगलाइन्स “100 नींबुओं की शक्ति” (विम) और “दाग अच्छे हैं” (सर्फ एक्सेल) का अनधिकृत इस्तेमाल किया है।

HUL की कोर्ट में दलीलें: “सिंगल इंग्रीडिएंट और पूरे फॉर्म्युलेशन में अंतर”

HUL की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिबल ने कोर्ट में बेको के टेस्टिंग के तरीकों और निष्कर्षों को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

  1. सेफ्टी आकलन का पैमाना: HUL ने कहा कि लैब टेस्ट में किसी एक तत्व की मौजूदगी का पता लगाना अलग बात है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि पूरी तरह से तैयार प्रोडक्ट के सामान्य इस्तेमाल से त्वचा को कोई नुकसान होगा। बेको ने पूरे फॉर्म्युलेशन की सुरक्षा की जांच नहीं की है।

  2. LAS का सामान्य उपयोग: कंपनी ने स्पष्ट किया कि Linear Alkylbenzene Sulfonate (LAS) सफाई उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला एक बेहद सामान्य और सुरक्षित सर्फैक्टेंट है, जो ग्रीस व तेल हटाने में मदद करता है।

  3. छुट्टियों का उठाया फायदा: HUL ने कोर्ट को बताया कि बेको ने 14 अगस्त की रात यह एड लॉन्च किया, ताकि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) और 16 अगस्त (रविवार) की छुट्टियों के कारण HUL को तत्काल कानूनी राहत न मिल सके।

दिल्ली हाई कोर्ट का रुख: फिलहाल अंतरिम रोक नहीं

मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने फिलहाल बेको के विज्ञापनों पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत का मानना है कि आदेश जारी करने से पहले बेको का पक्ष सुनना भी जरूरी है।

कोर्ट ने बेको से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और सेफ्टी क्लेम के सबूत 20 अगस्त तक जमा करने के निर्देश दिए गए थे। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में 21 अगस्त को अगली सुनवाई होगी, जहां कोर्ट दोनों पक्षों के तर्कों और वैज्ञानिक दस्तावेजों पर विचार करेगा।

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