Lok Sabha Budget Session 2026 : नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के पांचवें दिन आज लोकसभा का नजारा पूरी तरह से बदला हुआ नजर आया। एक तरफ जहां एनडीए के सांसदों ने अमेरिका के साथ हुई ‘ऐतिहासिक’ ट्रेड डील के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया, वहीं विपक्षी दलों ने इसे देश के हितों के खिलाफ बताते हुए संसद को सिर पर उठा लिया। नारेबाजी और हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
ट्रेड डील पर ‘अपनों’ का जश्न और ‘अपनों’ का प्रहार मंगलवार सुबह एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस डील को “अद्भुत और ऐतिहासिक” करार दिया। हालांकि, सदन शुरू होते ही कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इसे लेकर कई सवाल दागे। कांग्रेस का आरोप है कि जिस तरह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (सीजफायर) का ऐलान राष्ट्रपति ट्रंप ने किया था, वैसे ही इस ट्रेड डील की घोषणा भी वहीं से हुई। विपक्ष का सवाल है कि क्या सरकार अमेरिकी दबाव में झुक गई है?
हंगामे के मुख्य बिंदु:
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नारेबाजी: विपक्षी सांसदों ने पीएम मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों को टोकते हुए कहा कि सदन में नारेबाजी करना नियमों के खिलाफ है, लेकिन हंगामा नहीं थमा।
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पूर्व आर्मी चीफ का मुद्दा: राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों का हवाला देकर सरकार को घेरने की कोशिश की, जिस पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
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ट्रेड डील की शर्तें: समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने इस डील को ‘सीक्रेट’ बताते हुए सवाल उठाया कि क्या इसमें रूस से तेल न खरीदने जैसी कोई गुप्त शर्त शामिल है?
सरकार का रुख हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि सरकार इस व्यापार समझौते पर सदन में विस्तार से बयान देने और चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्षी रवैये को “निराशाजनक” बताया। दूसरी ओर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए की बैठक में पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इस डील से भारत के निर्यात को नई गति मिलेगी।













