Gwalior-Chambal : ग्वालियर-चंबल में लाइसेंसी बंदूकों का दुरुपयोग बढ़ा, 158 से ज्यादा लाइसेंस सस्पेंड

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ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल का नाम आते ही जेहन में बंदूक और गोलियों की तस्वीर उभरती है। हालांकि हाल के वर्षों में यह हथियार अब केवल आत्मरक्षा का साधन नहीं रहकर अपराध और आत्महत्या में भी इस्तेमाल हो रहे हैं। इसी कारण से ग्वालियर में नए शस्त्र लाइसेंस पर लगभग एक साल से रोक लगी हुई है।

एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए 158 से ज्यादा लाइसेंसधारियों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। मार्च 2024 तक जिले में लगभग 34,142 लाइसेंसी हथियार पंजीकृत थे।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि जिनके पास एक लाइसेंस पर दो हथियार हैं, उनकी पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल आत्मरक्षा के लिए हथियार लेने वालों को अनुमति देना है, जबकि गलत उपयोग करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा।

ग्वालियर के सांसद भारत सिंह कुशवाहा ने इस कदम की सराहना की और कहा कि गलत तरीके से हथियार लेने वाले लोगों की वजह से कई बार जान-माल का नुकसान होता है।

सांख्यिकी:

  • ग्वालियर: 34,142 लाइसेंसी हथियार
  • मुरैना: 24,426 लाइसेंस
  • भिंड: 23,200 लाइसेंस
  • साल 2020-2024 में नए लाइसेंस लगातार बढ़े, 2024 के मार्च के बाद नए लाइसेंस लगभग जारी नहीं हुए।

पुलिस और प्रशासन का यह कदम ग्वालियर-चंबल अंचल में बढ़ते अपराध और लाइसेंसी बंदूक से जुड़ी घटनाओं को नियंत्रित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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