Lailunga Panchayat RTI Attack : लैलूंगा के पंचायतों में ‘महा-सफाई’ अभियान : झारआमा, कोड़ासिया, चोरँगा और केशला में RTI का प्रहार, अब नहीं बचेंगे भ्रष्टाचार के सौदागर…

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Lailunga Panchayat RTI Attack : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ । जिले के विकास खंड लैलूंगा अंतर्गत आने वाली चार प्रमुख ग्राम पंचायतों – झारआमा, कोड़ासिया, चोरँगा और कुंजारा – में 15वें वित्त आयोग के बजट में हुए कथित ‘खेल’ का पर्दाफाश करने के लिए एक बड़ा कानूनी मोर्चा खोल दिया गया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत एक साथ किए गए इन हमलों ने ग्राम पंचायत से लेकर जनपद के गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है।

चार पंचायतें, एक सवाल: कहाँ गया विकास का पैसा? – आवेदक ने पारदर्शिता और जवाबदेही का चाबुक चलाते हुए अप्रैल 2021 से अब तक के सभी विकास कार्यों का कच्चा-चिट्ठा मांग लिया है। झारआमा, कोड़ासिया, चोरँगा और केशला में हुए कार्यों की मेजरमेंट बुक (MB), मस्टर रोल और सबसे महत्वपूर्ण जियो-टैग तस्वीरों की मांग की गई है।

खबर के तीखे पहलू :

कागजी विकास पर प्रहार : कार्यों की तीनों अवस्थाओं (शुरू, मध्य और पूर्ण) की अक्षांश-देशांतर युक्त जियो-टैग तस्वीरों की मांग ने उन लोगों की सांसे फुला दी हैं, जो पुरानी तस्वीरों या अन्य स्थानों के कार्यों को अपना बताकर राशि डकार जाते हैं।
श्रमिकों के हक की लड़ाई : मस्टर रोल की मांग से यह साफ होगा कि क्या वास्तव में स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिला या फिर मशीनों से काम कराकर फर्जी नामों पर भुगतान निकाला गया।
प्रमाणित छायाप्रति का शिकंजा : केवल जानकारी नहीं, बल्कि प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं, जो भविष्य में कोर्ट-कचहरी और विभागीय जांच में ‘ब्रह्मास्त्र’ का काम करेंगी।

BNS की धाराओं का ‘कानूनी जाल’ – इस बार RTI आवेदन केवल सामान्य अर्जी नहीं है, बल्कि एक कानूनी चेतावनी है। आवेदक ने स्पष्ट किया है कि सूचना छिपाने या गुमराह करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 198 और 240 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

“झारआमा से लेकर कुंजारा तक, और कोड़ासिया से चोरँगा तक… अब जनता के खून-पसीने की कमाई का हिसाब देना ही होगा। धारा 20 और BNS की नई धाराओं ने अब अधिकारियों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा है।” – आवेदक

क्या मचेगा हड़कंप? – सूत्रों की मानें तो इन चारों पंचायतों में कई ऐसे कार्य हैं जो केवल कागजों पर ‘पूर्ण’ दिखा दिए गए हैं। जैसे ही MB के पन्ने और जियो-टैग तस्वीरों का मिलान होगा, कई सफेदपोश और रसूखदार चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

सावधान रहें! झारआमा, कोड़ासिया, चोरँगा और केशला के विकास का असली सच अब बस 30 दिन की दूरी पर है।

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