Kuno National Park Project Cheetah : कूनो नेशनल पार्क। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। पार्क की स्टार मादा चीता ‘ज्वाला’ (पूर्व नाम सियाया) ने एक साथ पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस नई उपलब्धि के साथ ही कूनो और भारत में चीतों की कुल संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। अब कूनो में 50 और गांधी सागर सहित पूरे भारत में चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है।
ज्वाला की तीसरी बड़ी सफलता ज्वाला उन आठ चीतों में शामिल है जिन्हें सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनो में छोड़ा था। ज्वाला का प्रजनन रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है:
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मार्च 2023: 4 शावकों को जन्म दिया (एक जीवित रहा)।
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जनवरी 2024: दूसरी बार 3 शावकों को जन्म दिया।
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9 मार्च 2026: तीसरी बार 5 शावकों को जन्म देकर रिकॉर्ड बनाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ज्वाला ने कूनो के वातावरण को पूरी तरह अपना लिया है और वह इस परियोजना की सबसे सफल मादा चीताओं में गिनी जाती है।
62% चीते भारत की धरती पर जन्मे कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या अब एक बड़े सफल संरक्षण मॉडल की ओर इशारा कर रही है। वर्तमान में कूनो में मौजूद 50 चीतों में से 33 यानी कुल का 62% हिस्सा भारत की धरती पर ही जन्मा है। डीएफओ आर. थिरुकुराल के अनुसार, ज्वाला और उसके पाँचों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम और फील्ड स्टाफ 24 घंटे सीसीटीवी और मैदानी निगरानी के जरिए उनकी सुरक्षा व स्वास्थ्य पर पैनी नजर रख रहे हैं।
दिग्गजों ने जताई खुशी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर खुशी व्यक्त की है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे फील्ड स्टाफ और डॉक्टरों की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया, वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ज्वाला ने कूनो की आबोहवा को अपनी सफलता से सिद्ध कर दिया है।
कुनबा बढ़ाने की निरंतर प्रक्रिया कूनो में केवल ज्वाला ही नहीं, बल्कि ‘गामिनी’ नामक चीता ने भी हाल ही में 4 शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही, 28 फरवरी को बोत्सवाना से लाए गए 9 नए चीतों के आगमन से कूनो नेशनल पार्क अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण चीता संरक्षण केंद्रों की सूची में अग्रणी बन गया है। शावकों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि ‘प्रोजेक्ट चीता’ की अगली पीढ़ी को सुरक्षित रखा जा सके।











