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Politics over Tirupati Laddoo : तिरुपति लड्डू विवाद : घी में मिलावट के आरोपों पर सियासत गरमाई, SIT रिपोर्ट ने खड़ी की मुश्किलें

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Politics over Tirupati Laddoo : अमरावती (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश की राजनीति लंबे समय से तिरुपति के प्रसिद्ध ‘महाप्रसाद’ (लड्डू) के इर्द-गिर्द घूम रही है। अब मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा विधानसभा में रखे गए बयानों और SIT की रिपोर्ट ने राज्य की सत्ताधारी TDP और विपक्षी YSRCP के बीच एक नया सियासी युद्ध छेड़ दिया है। यह विवाद केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है।तिरुपति के प्रसादम लड्डू में फिश ऑयल और चर्बी वाला विवाद क्या है, समझिए  जांच में रिपोर्ट में क्या-क्या है? - What is controversy regarding fish oil  and fat in Prasadam ...

विवाद का सार और मुख्य आरोप:

  • घी में मिलावट का दावा: मुख्यमंत्री नायडू ने आरोप लगाया है कि पिछली YSRCP सरकार (2019-2024) के दौरान तिरुपति लड्डू बनाने में घटिया सामग्री, विशेष रूप से मिलावटी घी का उपयोग किया गया।

  • बड़ा घोटाला: नायडू का दावा है कि इस दौरान करीब 20 करोड़ (200.1 मिलियन) लड्डू मिलावटी घी से बनाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 59.7 लाख किलो दूषित घी का उपयोग हुआ, जिससे TTD (तिरुमला तिरुपति देवस्थानम) को करीब 234.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

  • SIT की रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित SIT की चार्जशीट में ‘जानवर की चर्बी’ की पुष्टि तो नहीं हुई, लेकिन रिपोर्ट में यह जरूर पाया गया कि TTD द्वारा अनुबंधित निजी डेयरी कंपनियों ने कर्मचारियों और विशेषज्ञों के साथ मिलीभगत की थी। मुख्य रूप से डिंडीगुल स्थित ‘AR डेयरी’ जैसी कंपनियों को बहुत ही कम दाम (320 रुपये प्रति किलो) पर घी आपूर्ति का ठेका दिया गया था, जो अव्यावहारिक था।तिरुपति लड्डू विवाद: CM ने सुधारात्मक कदम के लिए की एक सदस्यीय आयोग की  घोषणा - naidu forms committee on tirupati laddu adulteration report

नायडू बनाम जगन रेड्डी: आरोप-प्रत्यारोप

  • नायडू का हमला: मुख्यमंत्री ने पूर्व अध्यक्षों वाई.वी. सुब्बा रेड्डी और भूमना करुणाकर रेड्डी को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त 2022 में CFTRI की रिपोर्ट में मिलावट (वनस्पति तेल और केमिकल) के संकेत मिलने के बावजूद तत्कालीन प्रबंधन ने इसे दबा दिया। साथ ही, उन्होंने पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी के धर्म पर सवाल उठाते हुए इसे ‘हिंदू आस्था पर सुनियोजित हमला’ करार दिया।

  • YSRCP का बचाव: पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता मल्लादी विष्णु ने आरोपों को खारिज करते हुए नायडू को ‘हिंदू-द्रोही’ बताया। उन्होंने दावा किया कि जगन रेड्डी के कार्यकाल में मंदिरों का जीर्णोद्धार हुआ और नायडू का बयान केवल राजनीतिक द्वेष है।

आस्था की जीत: लड्डू की मांग बढ़ी

सियासी उठापटक के बीच एक दिलचस्प तथ्य यह है कि भक्तों की आस्था पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। उलटा, इन विवादों के बाद तिरुपति लड्डू की बिक्री और मांग अब तक के उच्चतम स्तर पर है। भक्त अपनी श्रद्धा के कारण लगातार इसे ‘महाप्रसाद’ के रूप में ग्रहण कर रहे हैं।

SIT चार्जशीट के अनुसार मुख्य आरोपी:

SIT ने कुल 36 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें निजी डेयरी कंपनियों (भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी, AR डेयरी और श्री वैष्णवी डेयरी) के निदेशक शामिल हैं। उन पर कमीशन मांगने और TTD को आर्थिक नुकसान पहुँचाने के गंभीर आरोप हैं।

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VIKASH KHALKHO
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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