Cheetah In Kuno Nationl Park : अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो को बड़ी सौगात! CM मोहन यादव करेंगे तीन चीते रिलीज़

0
180
CHEETAH
कूनो में फिर छोड़े जाएंगे 3 चीते

भोपाल/श्योपुर: मध्य प्रदेश में चीता संरक्षण अभियान एक नए मुकाम पर पहुंचने जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर आज गुरुवार, 4 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क पहुंचकर तीन चीतों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़ेंगे। इससे पहले वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर यहां चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। तब नामीबिया से 8 चीतों को कूनो लाया गया था, जो अब बढ़ते हुए परिवार के साथ 32 की संख्या तक पहुंच चुके हैं।

कूनो में सफारी करने वालों के लिए खुशखबरी
कूनो नेशनल पार्क में सफारी पर आने वाले पर्यटकों को चीतों का सहज दर्शन हो सके, इसके लिए पार्क प्रबंधन धीरे-धीरे बाड़ों में मौजूद चीतों को खुले क्षेत्र में छोड़े जाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ा रहा है। आज तीन और चीतों की रिहाई के बाद कूनो का जंगल वन्यजीव प्रेमियों के लिए और अधिक रोमांचक बन जाएगा।

Read More : M.P News : भोपाल के बड़े तालाब में आज से चलेंगे शिकारे, CM मोहन यादव करेंगे शुभारंभ

सीएम की यात्रा को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाएं दुरुस्त
मुख्यमंत्री मोहन यादव के दौरे को देखते हुए कूनो में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिवपुरी और श्योपुर जिलों के कलेक्टर, SP और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तैयारियों का निरीक्षण कर चुके हैं। सीएम का हेलीकॉप्टर अहेरा गेट स्थित हेलीपैड पर उतरेगा। उनके साथ वन मंत्री विजय शाह और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है
भारत में तीसरी पीढ़ी के चीतों का जन्म कूनो में सफलता की कहानी बनता जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में 5 मादा चीतों ने 6 बार कुल 32 चीतों के परिवार को जन्म दिया है। 70 साल बाद भारत में दोबारा बसाए गए ये चीते अब कूनो की जलवायु में पूरी तरह घुल-मिल चुके हैं और तेजी से खुद का वंश बढ़ा रहे हैं।

Read More : M.P News : बिल्डर के बेटे ने फॉर्च्यूनर से कुचला 11वीं का छात्र, FIR में नहीं हिट-एंड-रन

मध्यप्रदेश का ‘प्रोजेक्ट चीता’ देशभर में सराहा गया
डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित प्रोजेक्ट चीता को हाल ही में “इनोवेटिव इनिशिएटिव अवॉर्ड” भी मिला है। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस मनाने का मकसद चीतों की घटती संख्या और संरक्षण के लिए वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है। कूनो में चीतों को जंगल में छोड़ने से राज्य पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here