कोटा : राजस्थान के कोटा शहर में शनिवार रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस दुर्घटना में अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस, प्रशासन और बचाव दल पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे रहे और अब भी मलबा हटाने का काम जारी है।
अस्पताल पहुंचे घायलों की स्थिति
कोटा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल संगीता सक्सेना के अनुसार कुल 10 लोगों को अस्पताल लाया गया, जिनमें
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2 को मृत घोषित किया गया
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2 मरीज भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है
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3 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई
बाद में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कुल 15 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें 13 घायल थे और
कुछ को इलाज के बाद घर भेज दिया गया।
हादसे की वजह क्या हो सकती है?
कोटा कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया कि गिरी हुई इमारत के पास बनी पुरानी बिल्डिंग में तोड़फोड़ का काम चल रहा था। संभावना जताई जा रही है कि इस निर्माण गतिविधि के कारण समीप की इमारत की नींव कमजोर हो गई,
जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि, असली कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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घायलों की पहचान और राहत कार्य
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक घायलों में स्थानीय निवासियों के साथ एक रेस्क्यू टीम का सदस्य भी शामिल है।सभी घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है, जबकि गंभीर रूप से घायल मरीजों की निरंतर निगरानी की जा रही है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जताया शोक
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया पर घटना को बेहद दुखद बताया।
उन्होंने प्रशासन को
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तेज राहत-बचाव अभियान चलाने
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घायलों को तुरंत बेहतर इलाज देने
के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
शहरी निर्माण सुरक्षा पर फिर सवाल
कोटा की यह घटना शहरी इलाकों में निर्माण कार्यों की निगरानी और बिल्डिंग सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पुरानी इमारतों के आसपास तोड़फोड़ या निर्माण कार्य के दौरान सख्त तकनीकी जांच और अनुमति प्रक्रिया जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।











