JNVST Sukma : सुकमा/कृष्णा नायक सुकमा। नवोदय विद्यालय समिति द्वारा आयोजित कक्षा 6वीं की प्रवेश परीक्षा 2025 शनिवार को सुकमा जिले में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। यह परीक्षा जिले के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई, जहाँ बड़ी संख्या में पंजीकृत विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परीक्षा के सफल और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया।
JNVST Sukma : परीक्षा के दौरान जिला शिक्षाधिकारी (डीईओ) जी.आर. मंडावी ने स्वयं परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीईओ मंडावी ने बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल सुकमा, गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल सुकमा एवं डीएवी स्कूल सुकमा में पहुंचकर परीक्षा संचालन की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था तथा अनुशासन की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा का संचालन पूरी तरह से निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से किया जाए।
JNVST Sukma : जिले से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में विद्यार्थियों की सहभागिता उत्साहजनक रही। नवोदय विद्यालय सुकमा में पंजीकृत 1536 विद्यार्थियों में से 1355 विद्यार्थी उपस्थित रहे, जो कि एक उच्च उपस्थिति प्रतिशत दर्शाता है। वहीं, नवोदय विद्यालय कोंटा के लिए पंजीकृत 648 विद्यार्थियों में से 560 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सहभागिता की। कुल मिलाकर, जिले के 2176 पंजीकृत विद्यार्थियों में से 1915 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जो लगभग 90% से अधिक उपस्थिति रही।
JNVST Sukma : डीईओ जी.आर. मंडावी ने सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाईं। उन्होंने परीक्षा में शामिल हुए सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और परीक्षा संचालन में लगे सभी कर्मचारियों के सहयोग की सराहना की। यह प्रवेश परीक्षा नवोदय विद्यालय समिति के मानकों के अनुरूप पूरी तरह से सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
JNVST Sukma : नवोदय विद्यालय समिति, जो भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत संचालित है, ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए यह प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है। सुकमा जैसे आदिवासी बहुल जिले में इस परीक्षा का सफल आयोजन यह सुनिश्चित करता है कि यहाँ के बच्चों को भी राष्ट्रीय स्तर की आवासीय शिक्षा का अवसर मिल सके।













