Khandwa Voter List Dispute : खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में SIR सर्वे के दूसरे चरण में ‘दावे और आपत्तियों’ के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। शहर के करीब 87 हजार मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जिनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं जो पिछले 50 से 70 वर्षों से एक ही पते पर निवास कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये आपत्तियां फर्जी नाम और मोबाइल नंबरों के आधार पर ली गई हैं, जिसका खुलासा तब हुआ जब पीड़ित मतदाता और कांग्रेस कार्यकर्ता मोघट थाने पहुंचे।
मामला तब और गंभीर हो गया जब अमर वर्मा नामक एक युवक ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सनसनीखेज आरोप लगाए। अमर का दावा है कि उसके नाम और मोबाइल नंबर का उपयोग करके किसी अज्ञात व्यक्ति ने 227 फर्जी आपत्तियां दर्ज कर दी हैं। युवक का आरोप है कि अब अधिकारी उसे कार्यालय बुलाकर उन आपत्तियों के पंचनामे पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि उसने ऐसी कोई आपत्ति दर्ज ही नहीं की है। इस प्रक्रिया से न केवल उसका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि उसे कानूनी उलझनों में फंसने का डर भी सता रहा है।
इस फर्जीवाड़े के विरोध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने मोघट थाने का घेराव किया। अधिकारियों की अनुपस्थिति में कार्यकर्ता थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए। कांग्रेस का आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश है ताकि वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकें। शहर के कहारवाड़ी और अन्य क्षेत्रों के मतदाताओं में इस प्रक्रिया को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मोघट थाना प्रभारी धीरेन्द्र धारवाल और डिप्टी कलेक्टर दिनेश सांवले ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फर्जी तरीके से आपत्ति लेने वालों के खिलाफ जांच प्रतिवेदन तैयार कर निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। वहीं प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम बिना ठोस आधार के नहीं काटा जाएगा और युवक अमर वर्मा के दावों की भी तकनीकी जांच की जाएगी। फिलहाल, इस फर्जीवाड़े ने जिले की चुनावी मशीनरी की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।











