बेल खारिज : दुर्ग। छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गईं केरल की दो ननों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। बुधवार को दुर्ग सत्र अदालत में दाखिल उनकी जमानत अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोपों पर सुनवाई का अधिकार NIA कोर्ट को है, और यह मामला बिलासपुर ले जाने की सलाह दी।
इस घटनाक्रम के बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने अदालत परिसर के बाहर नारेबाजी की और जमानत खारिज होने की घोषणा के बाद जश्न मनाया। मौके पर संगठन के नेता ज्योति शर्मा भी मौजूद थे।
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संसद में भी उठा मामला
केरल की ननों की गिरफ्तारी का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में भी गूंज उठा है। मंगलवार और बुधवार को राज्यसभा और लोकसभा दोनों में विपक्षी सांसदों ने इसे उठाया। इंडिया गठबंधन के चार सांसद — बेनी बहनन, फ्रांसिस जॉर्ज, एनके प्रेमचंदन और अनिल ए थॉमस — मंगलवार को दुर्ग केंद्रीय जेल पहुंचे और ननों से मुलाकात की। उनके साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेता सप्तगिरी उल्का और जरीता लैतफलांग भी थे। सांसदों ने जेल में बातचीत के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की, जिसे कांग्रेस आलाकमान को सौंपा जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी ननों से मिलने जेल पहुंचे थे। उन्होंने पूरे मामले को संवेदनशील बताते हुए न्याय की मांग की।
सीएम साय का बयान: कांग्रेस कर रही राजनीति
वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मामला प्रलोभन और ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि ननें नारायणपुर जिले की युवतियों को नौकरी के नाम पर आगरा ले जा रही थीं।
सीएम ने दोहराया कि उनकी सरकार धर्मांतरण के खिलाफ सख्त है और जल्द ही इस पर नया कानून लाया जाएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ को शांति का टापू बताया और कहा कि कानून अपना काम करेगा।
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राजनीतिक हलचल तेज
इस बीच केरल के बीजेपी महासचिव अनूप एंटनी जोसेफ द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।













