कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में सरकारी तंत्र की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई है, जहां एक जिंदा किसान को दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। यह चौंकाने वाला मामला रीठी तहसील अंतर्गत ग्राम गुरजीकला निवासी किसान रामभरण विश्वकर्मा से जुड़ा है, जो 250 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन कराने पहुंचे थे।
धान बेचने पहुंचा किसान, रिकॉर्ड में निकला मृत
किसान रामभरण विश्वकर्मा ने धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया था, लेकिन उन्हें एक मैसेज के जरिए जानकारी मिली कि उनकी समग्र आईडी मृत श्रेणी में दर्ज है। इसके चलते उनका पंजीयन अमान्य कर दिया गया और वह धान बेचने से वंचित रह गए।
10 दिन से भटक रहा किसान
बीते 10 दिनों से किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन कहीं भी उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। आखिरकार वह कटनी कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और अपनी पीड़ा कलेक्टर आशीष तिवारी के सामने रखी।
कलेक्टर से भावुक अपील
अपनी व्यथा सुनाते हुए किसान ने कहा, “दस्तावेजों में तो मैं मर चुका हूं, अब क्या यहीं मरकर दिखाऊं?” किसान की यह बात सुनकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान कलेक्टर वहां से आगे बढ़ गए।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने खाद विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिंदा किसान को मृत बताकर सिस्टम में दर्ज कर देना न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि किसान की आजीविका पर सीधा हमला भी है।













