Karni Sena activists : सीहोर (सुनील शर्मा)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के थाना पार्वती (आष्टा) क्षेत्र में करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर हुए जानलेवा हमले और उसके बाद भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। 21 दिसंबर को हुई इस घटना के बाद से ही प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए हमले के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अकील अहमद, अलीम उद्दीन, फिरोज उद्दीन और मुजफ्फर उद्दीन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन चारों ने घटना के दौरान न केवल हिंसा को बढ़ावा दिया बल्कि सार्वजनिक शांति भंग करने और तोड़फोड़ करने में भी मुख्य भूमिका निभाई थी। घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थीं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह गिरफ्तारी केवल शुरुआत है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो के आधार पर अन्य असामाजिक तत्वों की भी पहचान कर ली गई है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पकड़े गए आरोपियों से पुलिस सघन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरी घटना के पीछे की साजिश का पता लगाया जा सके। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या यह हमला अचानक हुआ या इसके पीछे कोई सुनियोजित रणनीति थी। इलाके में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि 21 दिसंबर को हुई इस हिंसक झड़प के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के विरोध में स्थानीय स्तर पर काफी आक्रोश देखा गया था। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके परिणामस्वरूप यह पहली बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
सीहोर पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा और क्षेत्र में पूर्ण शांति बहाल की जाएगी।













