Jashpur Police Operation Shankhnaad : जशपुर (3 फरवरी 2026)। जशपुर जिले में गौ-तस्करी के खिलाफ पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत पुलिस ने नारायणपुर और मनोरा क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने न केवल मवेशियों को बचाया, बल्कि भाग रहे तस्करों को खदेड़कर पकड़ने में भी सफलता हासिल की है।
नारायणपुर: ईब नदी के किनारे घेराबंदी नारायणपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि तस्कर भारी मात्रा में गौ-वंशों को बेरहमी से पीटते हुए पैदल झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। पुलिस टीम ने चटकपुर चांचीडांड के पास बेने डैम के नीचे घेराबंदी की। पुलिस को देख तस्कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर अमन टोप्पो (20 वर्ष) और एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में ले लिया। आरोपियों ने कबूल किया कि वे अपने 11 साथियों के साथ 32 मवेशियों को झारखंड ले जा रहे थे। पुलिस ने अन्य फरार आरोपियों को चिन्हित कर लिया है।
मनोरा: ग्रामीणों ने भी दिया पुलिस का साथ एक अन्य मामले में चौकी मनोरा क्षेत्र के ग्राम केसरा में ग्रामीणों और प्रार्थी रविरंजन कुमार की सजगता से 42 गौ-वंशों को बचाया गया। ग्रामीण एकता को देखकर तस्कर अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस ने सभी 42 मवेशियों को बरामद कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया है। फरार तस्करों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें जंगल में सर्चिंग कर रही हैं।
सख्त धाराओं में मामला दर्ज पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी अमन टोप्पो को जेल और नाबालिग को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
एसएसपी का कड़ा संदेश डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया कि जशपुर पुलिस गौ-तस्करी को लेकर अत्यंत संवेदनशील है। उन्होंने कहा, “गौ-तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी होगी और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।”













