Jaishankar Ayaz Sadiq handshake भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनावपूर्ण रिश्तों के बीच एक छोटी-सी मुलाकात ने कूटनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने दावा किया है कि भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर खुद उनसे हाथ मिलाने के लिए आगे आए थे। यह मुलाकात 31 दिसंबर को ढाका में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम विदाई कार्यक्रम के दौरान हुई।
पाकिस्तान स्पीकर का बयान
अयाज सादिक ने एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि जयशंकर उनके पास आए, नमस्ते कहा और मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि जयशंकर ने उन्हें पहचानने की बात कही और औपचारिक परिचय की जरूरत नहीं समझी।
कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद
Jaishankar Ayaz Sadiq handshake इस दौरान नेपाल, भूटान और मालदीव के प्रतिनिधि भी वहां मौजूद थे। भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य टकराव के बाद यह पहली बार था जब दोनों देशों के इतने वरिष्ठ नेता आमने-सामने दिखे।
क्रिकेट मैदान की तुलना
इस घटना को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि सितंबर 2024 में एशिया कप के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी साफ नजर आई थी।
एक्सपर्ट्स की राय बंटी
Jaishankar Ayaz Sadiq handshake अल जजीरा के मुताबिक पाकिस्तान के कुछ विदेश नीति विशेषज्ञ इसे नए साल से पहले रिश्तों में हल्की नरमी का संकेत मान रहे हैं। वहीं भारतीय जानकारों का कहना है कि इसे सामान्य शिष्टाचार से ज्यादा महत्व नहीं देना चाहिए।
आधिकारिक संवाद अब भी ठप
विशेषज्ञों का मानना है कि मई 2025 के संघर्ष के बाद बनी कड़वाहट इतनी गहरी है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत की संभावना बेहद कम है।











