भोपाल : राजधानी भोपाल में मानस भवन के पास आदिवासी परिवारों की झुग्गियां हटाने के मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लग गई है। जबलपुर हाई कोर्ट ने 27 आदिवासी परिवारों को बड़ी राहत देते हुए अगली सुनवाई तक बुलडोजर कार्रवाई पर स्टे दे दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद प्रभावित परिवारों और स्थानीय रहवासियों में खुशी का माहौल है।
बुलडोजर कार्रवाई की थी तैयारी
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने कल सुबह झुग्गियां हटाने की पूरी तैयारी कर ली थी। भारी पुलिस बल और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचने वाली थी, लेकिन ऐन वक्त पर कार्रवाई को अचानक स्थगित कर दिया गया। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां से प्रभावित परिवारों को राहत मिली।
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27 परिवारों ने हाई कोर्ट में दी थी चुनौती
मानस भवन क्षेत्र में रह रहे 27 आदिवासी परिवारों ने झुग्गी हटाने की कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
अगली सुनवाई तक राहत बरकरार
हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई तक किसी भी तरह की तोड़फोड़ या बेदखली पर रोक लगा दी है। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश मिले हैं।
रहवासियों में खुशी, प्रशासन की अगली रणनीति पर नजर
स्टे मिलने के बाद स्थानीय रहवासियों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि कोर्ट का फैसला गरीब और आदिवासी परिवारों के हक में है। वहीं प्रशासन की ओर से अब अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें आगे की कानूनी रणनीति तय की जाएगी।









