इस्लामाबाद। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो बयान जारी कर पहली बार माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संगठन के सरगना मौलाना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य भारत की कार्रवाई में मारे गए।
बयान में मसूद इलियास ने कहा कि 7 मई को बहावलपुर में भारतीय कार्रवाई में मसूद के परिवार के सदस्य “टुकड़े-टुकड़े” हो गए और उनका कीमा बन गया। इस हमले में मसूद की बड़ी बहन और उसका पति, भतीजा और उसकी पत्नी, भतीजी और उसके पांच बच्चे सहित कुल 10 लोग मारे गए। इसके अलावा चार सहयोगियों की भी मौत हुई। हमले के समय मसूद अजहर मौके पर नहीं था, जिससे उसकी जान बच गई।
पृष्ठभूमि:
भारत ने यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में की थी। ऑपरेशन के दौरान बहावलपुर समेत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। सैटेलाइट तस्वीरों से मस्जिद और आसपास के ढांचों को गंभीर नुकसान की पुष्टि हुई है।
मसूद अजहर का इतिहास:
मसूद अजहर भारतीय संसद पर 2001 के हमले का मास्टरमाइंड है। इसके अलावा पठानकोट (2016), उरी (2016), पुलवामा (2019) और मजार-ए-शरीफ में भारतीय कांसुलेट पर हमलों में भी उसका नाम शामिल है।
1999 में कंधार विमान हाईजैक में मसूद को आतंकियों ने रिहा कराया था। चीन ने लंबे समय तक उसे ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव में बाधा डाली, लेकिन मई 2019 में मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक आतंकी घोषित किया।
मौजूदा स्थिति:
रिपोर्ट्स के अनुसार मसूद अजहर पाकिस्तान के बहावलपुर क्षेत्र में सुरक्षा में है, हालांकि कुछ थ्योरीज़ यह भी बताती हैं कि वह अफगानिस्तान में छिपा हो सकता है।













